अब ठाकुर बांकेबिहारी को ऑनलाइन भी कर सकेंगे दान, मंदिर कार्यालय में SBI ने लगाई नई मशीन
वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में अब भक्त ऑनलाइन दान भी कर सकेंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मंदिर कार्यालय में क्यूआर कोड स्कैनिंग मशीन स्थापित की ...और पढ़ें

मंदिर कार्यालय में आई मशीन को ऑपरेट कर दिखाता कर्मचारी।
HighLights
एसबीआई ने मंदिर कार्यालय में मशीन स्थापित की।
श्रद्धालु अब क्यूआर कोड से कैशलेस दान कर सकेंगे।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी के भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। देश दुनिया से आ रहे श्रद्धालु मंदिर में आराध्य के दर्शन कर अपनी सामर्थ के अनुसार दान-दक्षिणा भी अर्पित करते हैं। मंदिर में रखी गोलक अथवा मंदिर सेवायतों के जरिए ठाकुरजी को दान अर्पित होता रहा है। लेकिन, अब मंदिर में ऑनलाइन दान भी स्वीकार किया जाएगा।
मंदिर कार्यालय में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने नई मशीन स्थापित की है। जिसमें आने वाले क्यूआर कोड को स्कैन कर कोई भी भक्त ऑनलाइन भुगतान मंदिर के खाते में कर सकता है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु आराध्य के दर्शन को आ रहे हैं। मंदिर में दर्शन को आने वाले भक्तों की इच्छा ठाकुर बांकेबिहारी के प्रति श्रद्धा अर्पित करने की रहती है।
इसके लिए अधिकतर श्रद्धालु तो मंदिर सेवायतों की सहायता से ठाकुरजी को दान अर्पित करते हैं। जबकि कुछ श्रद्धालु मंदिर में लगी गोलक में दान अर्पित कर देते हैं। लेकिन, कई भक्त ऐसे भी होते हैं जिनकी इच्छा तो आराध्य के चरणों में दान अर्पित करने की होती है। लेकिन, उनके पास कैश नहीं होता। ऐसे श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मंदिर कार्यालय में एक मशीन स्थापित की है।
जिसकी स्क्रीन पर आने वाले क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर कोई भी श्रद्धालु अपनी सामर्थ के अनुसार दान कर सकता है। मंदिर प्रबंधक मुनीश कुमार ने बताया जो श्रद्धालु कैशलैस दान अर्पित करना चाहते हैं, उनकी सहायता के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ये मशीन स्थापित की है। जबकि मंदिर की गोलक में पिछले पांच वर्षों से ही बैंक के क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं।
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मंदिर में अनेक भक्त ऐसे आते हैं जो कि ठाकुरजी की सेवा में दान अर्पित करना चाहते हैं। लेकिन, कैश नहीं होता। अब तक ऐसे श्रद्धालु गोलक पर लगे क्यूआर कोड स्कैन करके ऑनलाइन दान देते रहे हैं। अब एसबीआई ने मंदिर कार्यालय में भी ऑनलाइन भुगतान की मशीन स्थापित कर दी है।
-मुनीश शर्मा, प्रबंधक ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर।