यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Republic Day पर मथुरा में उमड़ी भीड़, बांकेबिहारी के दर्शन के लिए श्रद्धालु लंबी कतार में लगे... बिगाड़े हालात
(Republic Day 2025) गणतंत्र दिवस पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर (Thakur Bankebihari Temple) में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ इतनी बढ़ गई कि हालात ब ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, वृंदावन। गणतंत्र दिवस पर रविवार को ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। भीड़ इतनी बढ़ी कि हालात बदतर हो गए। मंदिर के अंदर भीड़ के दबाव में आपाधापी का माहौल बना रहा, जबकि मंदिर की गलियों से लेकर बाजार में भीड़ का भारी दबाव देखने को मिला।
एंट्री पॉइंटों से ही श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव मंदिर तक बना रहा। ऐसे में भीड़ के दबाव में फंसे महिला, बच्चे और बुजुर्गों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुलिस के बैरियर पर भीड़ के दबाव में महिलाओं की चीख निकल रही थी।
रविवार की सुबह से ही भक्तों का लगा तांता
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में गणतंत्र दिवस रविवार की सुबह भक्तों का तांता मंदिर में दर्शन के लिए लग गया। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यवस्थाएं संभालना शुरू कर दिया और विद्यापीठ व जुगलघाट से श्रद्धालुओं को रेलिंग में होकर कतारबद्ध तरीके से प्रवेश दिलवाना था, लेकिन भीड़ का दबाव ऐसा कि सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं।
भीड़ के रूप में श्रद्धालु मंदिर की ओर आगे बढ़ रहे थे। बाजार और गलियों में सुबह से ही दबाव बन गया और पुलिस को व्यवस्था बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालात ये कि बैरियर पर जब श्रद्धालुओं को रोका जा रहा था। तो पीछे से भीड़ के दबाव में महिलाओं, बच्चों की चीख निकल रही थीं।
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तेज धूप में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जुगलघाट से शुरू हुआ भीड़ का दबाव जंगलकट्टी, दाऊजी तिराहा, मंदिर की गली में भी बना रहा। इसी तरह विद्यापीठ से पुलिस चौकी के सामने तक कदम रखने तक को जगह नहीं मिल रही थी। हर श्रद्धालु मंदिर की ओर भीड़ का दबाव झेलते हुए पहुंच रहा था।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान में विराजी ढाई करोड़ की स्वर्ण मंडित श्रीमद्भभागवत
इसके अलावा कान्हा का आंगन शनिवार को उल्लास में डूब गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्वर्ण मंडित ढाई करोड़ रुपये की श्रीमद्भागवत विराजमान हुईं, तो दर्शन को भीड़ उमड़ी। इस अद्भुत पल का साक्षी बनने को हर जन व्याकुल रहा। मंत्रों की ध्वनि से भागवत भवन गुंजायमान हो गया।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत स्थापना उत्सव के तीसरे दिन माघ कृष्ण एकादशी पर शनिवार को सुबह आठ बजे श्रीभागवत भवन स्थित युगल सरकार श्रीराधाकृष्ण मंदिर में महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा के समीप स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत की स्थापना श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी अनुराग डालमिया, उनकी धर्मपत्नी जयंती डालमिया, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, सेवानिवृत्त आइएएस एस. लक्ष्मीनारायणन, उनकी पत्नी सरस्वती लक्ष्मीनारायणन ने की।