दीपावली आज: जानें क्या है ब्रज में लक्ष्मी-गणेश पूजन के शुभ मुहूर्त
ब्रजमंडल में दीपावली का महापर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है, जहां सुख-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
ब्रजमंडल में दीपावली का पर्व उत्साह और उमंग से मनाया जा रहा है
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन होगा
विभिन्न वर्गों के लिए पूजा के शुभ मुहूर्त बताए गए हैं
जागरण संवाददाता, मथुरा। रोशनी और आस्था के महापर्व दीपावली को लेकर ब्रजमंडल में उत्साह और उमंग का माहौल है। रविवार को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हर घर में सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति के लिए मां महालक्ष्मी और भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ पूजन करने से माता लक्ष्मी का स्थाई वास होता है और घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
दीपावली को लेकर कान्हा की नगरी पूरी तरह सज चुकी है। शनिवार को बाजारों में सुबह से ही भीड़ देखने को मिली। लोग अपने घरों के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, मिट्टी के दीपक, पूजन सामग्री, और आकर्षक वस्त्रों की खरीदारी करते रहे। परंपरा के अनुसार घरों को सजाने के लिए फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों की भी जमकर बिक्री हुई।
रोशनी और आस्था के महापर्व दीपावली को लेकर ब्रजमंडल में है उत्साह
धार्मिक मान्यता है, दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में पूजन करना अत्यंत फलदाई होता है। घरों में माता के स्वागत के लिए सुंदर रंगोली सजाई जा रही हैं और मुख्य द्वारों पर दीप प्रज्वलित करने की विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारा और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है। घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां तैयार की गई हैं। लोग एक-दूसरे के घर जाकर दीपावली की बधाइयां दे रहे हैं और उपहारों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग बताते हैं कि
प्रशासनिक अधिकारी शाम 5.55 से रात 8.10 तक पूजन कर सकते हैं।
डॉक्टर व इंजीनियर के लिए शाम 6.10 बजे से रात 8.40 बजे तक शुभ समय है।
वकील व जज पुलिस शाम 6.15 से रात 9.10 तक पूजन कर सकते हैं। संगीत कलाकार
शाम 5.55 बजे से रात 8. 20 बजे तक, व्यापारी शाम 6.10 बजे से रात नौ बजे तक पूजा कर सकते हैं। पारिवारिक लोग शाम 5.55 बजे से रात 8.40 बजे तक पूजन कर सकते हैं।