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    जलयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ पड़े बीमार, शुरू हुआ आयुर्वेदिक उपचार; गर्भगृह के अंदर कर रहे हैं विश्राम

    By Vipin Parashar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 30 Jun 2026 07:17 PM (IST)

    जलयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो गए हैं और अब गर्भगृह में विश्राम कर रहे हैं। वृंदावन के प्राचीन मंदिर में उन्हें 15 दिनों तक आयुर्वेदिक विधि ...और पढ़ें

    गर्भगृह के अंदर विश्राम करते भगवान जगन्नाथ और बाहर उनके स्वस्थ करने की कामना करते श्रद्धालु।

    गर्भगृह के अंदर विश्राम करते भगवान जगन्नाथ और बाहर उनके स्वस्थ करने की कामना करते श्रद्धालु।

    संवाद सहयाेगी, वृंदावन। जलयात्रा पर सहस्त्रधारा के जल से अधि स्नान के बाद बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ अब गर्भगृह में जाकर विश्राम कर रहे हैं और भक्तों को दर्शन रहीं दे रहे हैं। मंदिर के अंदर ही भगवान की नियमित सेवा पूजा जारी है। बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ को उनके पुजारी आयुर्वेदिक उपचार विधि से दवा और भोग अर्पित कर रहे हैं। भगवान जगन्नाथ की सेवा पूजा नियमित रूप से चल रही है।

    यमुना किनारे परिक्रमा मार्ग स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में शुरू हुए जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव की जानकारी देते हुए महंत स्वामी ज्ञानप्रकाश ने बताया भगवान जगन्नाथ के सहस्त्रधारा के बाद अस्वस्थ होने के बाद वे गर्भगृह में विश्राम करने चले गए हैं। उनकी गर्भगृह में ही नियमित सेवा पूजा हो रही है और उन्हें आयुर्वेद विधि से उपचार दिया जा रहा है

    सुबह भगवान जगन्नाथ को बालभोग में नीम और मिश्री का भोग अर्पित किया। इसके कुछ देर बाद ठाकुरजी को खिचड़ी भोग और दसमूलारिष्ठ दवा भी दी गई। दोपहर के भोग में ठाकुरजी को दाल दी गई, जो बिना छौंक के तैयार की गई थी।

    शाम को ठाकुरजी को काढ़ा व रात में दूध ही भोग में अर्पित किया गया। औषधि में नीम का रस, एलोवेरा आदि नियमित रूप से दिया जा रहा है। ये सिलसिला 15 दिन चलेगा। स्वस्थ होने के बाद ठाकुरजी 16 जुलाई की भोर में भक्तों को दर्शन देंगे।

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