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विदेशी परिंदों का आना शुरू, जोधपुर झाल में हो रहीं अठखेलियां; दिल्ली के बर्ड लवर्स के लिए अच्छा ठिकाना

By Navneet Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 22 Sep 2026 01:29 PM (IST)

मथुरा के जोधपुर झाल वेटलैंड में इस साल प्रवासी पक्षी समय से पहले ही पहुंच गए हैं, जिससे बर्ड वॉचर्स ...और पढ़ें

जोधपुर झाल में दिखने वाले विदेश परिंदे।

जोधपुर झाल में दिखने वाले विदेश परिंदे।

जागरण संवाददाता, मथुरा। दिल्ली के पास मथुरा जिले के वेटलैंड जोधपुर झाल में समय से पहले मेहमान परिंदे पहुंच गए हैं। बर्ड वॉचर्स के लिए यह जगह मुफीद है। सोमवार को इसका अध्ययन करने मत्स्य विज्ञान के विशेषज्ञ झाल पर पहुंचे। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि समय से पहले यहां परिंदे क्यों आए। 

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा जोधपुर झाल वेटलैंड को विकसित किया गया है। वन विभाग द्वारा इसकी देखरेख की जा रही है। यहां पर साल भर पांच हजार तक प्रवासी पक्षी आते हैं

इस बार सितंबर में ही समय से पहले प्रवासी पक्षी पहुंचने लगे हैं, फलस्वरूप पक्षियों के भोजन प्रबंधन की व्यवस्था के लिए विशेषज्ञों की टीम ने यहां जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन किया।

इकोलाॅजिस्ट डाॅ. केपी सिंह के साथ कालेज ऑफ फिशरीज साइंस के डाॅ. अंबरीश सिंह व डाॅ. परमवीर सिंह यहां इको-सिस्टम का अध्ययन करने के लिए पहुंचे।

काॅलेज आफ फिशरीज साइंस के डीन प्रो. नित्यानंद पांडे ने बताया कि डीएफओ के निवेदन पर वेटलैंड के जलीय आवास, मछलियों की उपलब्धता, पक्षियों के लिए खाद्य संसाधनों की पारिस्थितिक तंत्र का अवलोकन कराया गया है। उन्होंने बताया कि मानसून की वर्षा के बाद पर्याप्त जलभराव होने से वेटलैंड का जलीय आवास पुनर्जीवित हो गया है।

बीआरडीएस के इकोलाॅजिस्ट डा. केपी सिंह ने बताया कि इस साल गर्मी के मौसम मे जोधपुर झाल पर कई प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी सामान्य प्रवास अवधि से अधिक देखी गई थी। कुछ प्रवासी प्रजातियों के पक्षी गर्मी के मौसम में भी यहां रुके रहे।

जोधपुर झाल पर प्रवासी पक्षियों मे नार्दर्न पिनटेल, कामन टील, गार्गेनी, कामन रेडशैंक, स्पाटेड रेडशैंक, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, केंटिश प्लोवर, कामन सेंडपाइपर, ग्रीन शैंक, वेगटेल आदि दिखाई दे रहे हैं।