मथुरा में 23 करोड़ की लागत से बनेगा श्रीकृष्णा लोक, कान्हा की बाल्यकाल से अंत तक की सभी लीलाओं का भव्य अनुभव
नोएडा की कंपनी द्वारा एक साल में तैयार होने वाले इस पार्क में माखन चोरी, कंस वध, द्वारिका शहर और महाभारत के अंश भी देखने को मिलेंगे। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
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विवेक राजपूत, मथुरा। कान्हा की नगरी में श्रीकृष्णा लोक न्यारा होगा। यहां भगवान श्रीकृष्ण के जन्मकाल से बाल्यकाल, युवावस्था और अंत तक का दर्शन नजर आएगा।
माखन चोरी की लीलाएं, प्रमुख राक्षसों एवं कंस के वध की लीला देखने को मिलेगी, साथ ही द्वारिका शहर और महाभारत के भी प्रमुख अंश लोग देख सकेंगे। इसके अलावा देश के कई अजूबे भी यहां नजर आएंगे।
बच्चों के मनोरंजन के लिए मोर झूला, यमुना में सैर आदि की भी व्यवस्था होगी। वहीं रासलीला भी नजर आएंगी। 23 करोड़ रुपये से इस काम पर खर्च होंगे, जिसे नोएडा की कंपनी बनाने जा रही है। एक सप्ताह में काम शुरू हो जाएगा।
राक्षसों का वध, गीता उपदेश, माखन चोरी, रासलीला आदि का होगा समावेश
वर्ष 2025 में नगर विकास विभाग ने नगर निगम को श्रीकृष्णा लोक बनाने की कार्ययोजना मांगी गई। इसके लिए कलक्ट्रेट स्थित जवाहरबाग को चयनित किया गया। पहले मंथन हुआ कि श्रीकृष्णा लोक में क्या समावेश किया जाए। पहले इसमें श्रीकृष्ण की लीलाओं के अलावा देश के सात अजूबों की आकृति को ही शामिल किया गया था। लेकिन, बाद में इसमें श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर अंत तक के हर एक प्रमुख अंश का समावेश किया गया।
नोएडा की कंपनी बनाएगी मेटल व वेस्ट सामान से, जल्द काम शुरू
तीन माह पूर्व इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली और टेंडर नोएडा की जेडटेक कंपनी को मिला। हाल ही में कंपनी ने अपनी डिजायन तैयार कर उपलब्ध कराई। कंपनी द्वारा अपना कार्यालय बनाने की तैयारी शुरू कर दी हैं। ये पार्क अद्भुत व आकर्षक होगा। यह जिले का पहला पार्क होगा, जो लोगों को ओर खींचने में कामयाब होगा।
कला वर्क पर 9.08 करोड़ रुपये और आकर्षक लाइटिंग पर 3.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे
इस बनाने में कला वर्क पर 9.08 करोड़ रुपये और आकर्षक लाइटिंग पर 3.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां यमुना भी नजर आएंगी और बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूले आदि होंगे। जंगल में खूंखार जानवर भी नजर आएंगे। ये एक वर्ष में बनकर तैयार होगा।
खबरें और भी
श्रीकृष्णा लोक में सब कुछ होगा
- इसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जेल में दर्शाया जाएगा, जिसमें वासुदेव उन्हें गोकुल ले जाते दिखेंगे।
- यमुना में ले जाते हुए का भी दृश्य होगा। बाल लीलाएं होंगी।
- पूतना वध, शकटासुर वध, बवंडर का अंत, मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड, दामोदर लीला, माखन चोरी, वकासुर वध, वत्सासुर वध, अघासुर वध, ब्रह्माजी की लीला व घमंड तोड़ने
- चाक लीला, धेनुकासुर वध, कालियानाग मर्दन, गोपी लीला, रासलीला, राधा-कृष्ण प्रेम, राक्षसी केशी का उद्दार, अरिष्टासुर का वध, गोवर्धन पर्वत, धनुष भंग, राजा हाथी का वध, मलयुद्ध, कंस का वध
- जरासंघ से युद्ध, कुब्जा माली-कृष्ण, द्वारका शहर, रुकमिणी-कृष्ण होली, ऋषि दुर्वाशा के साथ भेंट, द्रोपदी का चीर हरण, गीता उपदेश, भीष्म पितामह के साथ अंतिम क्षण, बर्बरीक और कृष्ण, घटोत्कच का वध
- कंस का वध, अश्वत्थामा को श्राप, दुर्योधन का वध, श्रीकृष्ण की विदाई तक का सजीव हाल नजर आएगा।
ये भी होगा खास
श्रीकृष्णा लोक में वृंदावन थीम का दृश्य होगा, जिसमें वन व जानवर नजर आएंगे। वांसुरी की आकृति स्लाइट, रथ सवारी, मोर झूला, यमुना जी की सवारी, गोवर्धन पर्वत खेल संरचना, कृष्ण सेल्फी प्वाइंट, कृष्ण कहानी भी होंगी।
जवाहर बाग में श्रीकृष्णा लोक बनाया जाएगा। कंपनी को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। ये लोक अद्भुत होगा। यह पर्यटन के नक्शा पर चमकेगा। यहां श्रद्धालुओं के आवागमन के भी संसाधन विकसित होंगे। ये एक वर्ष में बनकर तैयार होगा।
जग प्रवेश, नगर आयुक्त।