यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वृंदावन में हुई अनोखी शादी, कृष्ण भक्ति में रमी ज्योति ने सबकुछ छोड़कर लड्डू गोपाल संग लिए सात फेरे
Mathura News वृंदावन में एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान खींचा। हरियाणा की ज्योति ने अपने वैवाहिक जीवन से तंग आकर तलाक ले लिया और भगवान श्रीकृष्ण से विवाह ...और पढ़ें

HighLights
- शादी में दर्जनों रिश्तेदार व परिजन हुए शामिल
- एक वर्ष से वृंदावन में रह रही हैं ज्योति
- ज्योति का पति से हो चुका है तलाक
जागरण संवाददाता, वृंदावन। Mathura News: वृंदावन में शनिवार को हुई एक शादी चर्चा का विषय बन गई। मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली ज्योति पेशे से नर्स हैं। पिछले एक वर्ष से वृंदावनवास कर रही महिला कृष्ण भक्ति में ऐसी रमी कि भगवान श्रीकृष्ण से विवाह रचा लिया।
हरियाणा के रोहतक के गांव सुमरिया निवासी ज्योति भदवार ने अपने वैवाहिक जीवन से तंग आकर तलाक दे दिया और अपने वर के रूप में श्याम सुंदर को चुन लिया है। 34 साल की ज्योति फिलहाल अपने गुरू विवेकानंद महाराज व माता वैष्णवी बोरिकर के साथ वृंदावन के छह शिखर मंदिर के समीप हरे कृष्ण धाम में पिछले एक वर्ष से रहकर वृंदावास कर रही है। अपने घर पर शनिवार को विवाह समारोह किया। यहां सनातन धर्म के अनुसार सभी रस्मों को निभाते हुए भगवान श्रीकृष्ण से विवाह रचाया।
डॉक्टर गौतम ने बेटी के रूप में उनका कन्यादान किया
इस विवाह समारोह में उनके शिक्षक रहे डॉक्टर गौतम ने बेटी के रूप में उनका कन्यादान किया। लड्डू गोपाल की बरात में लगभग दर्जनों लोग शामिल हुए। इससे पहले घर में बेटी के हाथ पीले करने से लेकर वो सारी रस्में पूरी की गईं, जो शादी में निभाई जाती हैं। शादी के लिए ज्योति से मीरा बनी वृंदावन के छह शिखर स्थित हरे कृष्णा धाम सोसायटी में पहुंची, जहां बैंड-बाजों के साथ शादी की सारी रस्में भी निभाई गईं।

ज्योति से मीरा बनी युवती।
दुल्हन बोली- रात के सपने दिन में पूरे हुए
इस अनोखी शादी के बाद ज्योति से मीरा बनी दुल्हन ने कहा, जो सपने मुझे रात में आते थे। आज वो दिन की रोशनी में हकीकत में तब्दील हो गए। ज्योति के रिश्तेदार ओर बाराती भी इस शादी का हिस्सा बनकर बेहद खुश दिखे। उनकी खुशी का अंदाजा उनके नाच गानों को देखकर लग रहा था। अब देर सायं ज्योति की विदाई हुई।
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पति से हुआ तलाक
ज्योति ने बताया कि सिरसा में 12वीं कक्षा पास करके नर्सिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने जीपी गोयंका मैक्स जैसे कई अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम किया। उनके परिजनों ने 2012 में शादी कर दी, लेकिन इज्जत ना मिलने के कारण तलाक ले लिया । इसके बाद भगवान कृष्ण को ही अपने जीवन का सहारा बनाया और भक्ति में लीन हो गई। उन्होंने कहा कि कक्षा 8 से ही वह कृष्ण भक्ति करती चली आ रही हैं, तभी वह अपने परिवार के साथ वृंदावन आई थी।
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गुरु बोले- शिष्या ने वर के रूप में सबके पालनहार को चुना
ज्योति के गुरु विवेकानंद महाराज भी इस शादी से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि आम शादी तो हर इंसान अपने जीवन में करता है लेकिन मेरी शिष्या तो जो सबके पालनहार हैं। उनकी शरण में पहुंच चुकी है और उसने हमेशा के लिए उन्हें अपना जीवन साथी मान लिया है।