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    कौन हैं मथुरा ने नए नगर आयुक्त ओजस्वी राज? बलिया में तीन साल रहे सीडीओ, 2020 बैच के IAS

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 08:31 AM (IST)

    मथुरा को नया नगर आयुक्त मिल गया है, बलिया के सीडीओ ओजस्वी राज को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व नगर आयुक्त जग प्रवेश का तबादला वन एवं पर्यावरण मंत्र ...और पढ़ें

    ओजस्वी राज। सोशल मीडिया।

    ओजस्वी राज। सोशल मीडिया।

    HighLights

    1. बलिया के सीडीओ ओजस्वी राज बने मथुरा नगर आयुक्त।

    2. जग प्रवेश का वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में हुआ तबादला।

    3. ओजस्वी राज ने बलिया में सत्तू को दिलाई पहचान।

    जागरण संवाददाता, मथुरा। शासन ने यहां तैनात नगर आयुक्त जग प्रवेश का शुक्रवार को तबादला कर दिया। उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में निदेशक बनाया है। उनके स्थान पर बलिया के मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज को मथुरा का नया नगर आयुक्त बनाया है। नवागत नगर आयुक्त ओजस्वी राज वर्ष 2020 बैच के आईएएस हैं। वह मूलत: उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक किया है। 

    जग प्रवेश ने 25 मई 2025 को संभाला था चार्ज

    25 मई 2025 को जग प्रवेश ने मथुरा नगर निगम का कार्यभार ग्रहण किया था। मथुरा नगर निगम में उनका करीब एक वर्ष कार्यकाल रहा। इस दौरान उन्होंने कई बड़े काम की कार्ययोजना तैयार कराई। नगर निगम अधिकारी व कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास समेत कई विकास कार्यों को मंजूरी देने के साथ काम तेजी से शुरू कराया। पुराने विकास कार्यों को भी समय से पूर्ण कराने पर जोर दिया।

    शासन ने ओजस्वी राज के भेजा मथुरा

    शुक्रवार को शासन ने उनका तबादला पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में निदेशक के पद पर किया है। उनके स्थान पर बलिया के सीडीओ ओजस्वी राज को यहां भेजा गया है। नवागत नगर आयुक्त शनिवार को भी मथुरा आकर कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। नवागत नगर आयुक्त के आने के बाद ही निवर्तमान नगर आयुक्त कार्यभार छोड़ेंगे।

    तीन साल तक बलिया में दीं सेवाएं

    आईएएस ओजस्वी राज ने लगभग तीन वर्षों तक बलिया में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया। जनहित से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही और प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान एक कर्मठ, तेज-तर्रार एवं सुलझे हुए अधिकारी के रूप में बनी।

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    ओजस्वी राज का कार्यकाल किसी बड़े विवाद से दूर रहा और उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन शांत एवं व्यवस्थित ढंग से किया। बलिया जिले के पारंपरिक सत्तू को एक नई वैश्विक पहचान दिलाई।

    कई स्थानीय किसानों और महिलाओं को मिला रोजगार

    सीडीओ के रूप में उन्होंने आधुनिक ब्रांडिंग और पैकेजिंग के जरिए इस ग्रामीण उत्पाद को एक स्मार्ट कॉर्पोरेट रूप दिया, जिससे स्थानीय किसानों और 700 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। पारंपरिक सादे पैकेट की जगह इसे आकर्षक बाक्स में पैक किया गया। त्योहारों (जैसे होली, दिवाली) पर इसे विशिष्ट लोगों को भेंट के रूप में देकर इसकी ब्रांडिंग की गई।