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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP Encounter: ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड से सुर्खियों में आया था पंकज यादव, पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी हुआ ढ़ेर

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 02:02 PM (IST)

    माफिया मुख्तार अंसारी सिवान के मोहम्मद शहाबुद्दीन और मुन्ना बजरंगी गिरोह के शार्प शूटर रह चुके मऊ के पंकज यादव को बुधवार सुबह एसटीएफ और फरह पुलिस ने म ...और पढ़ें

    पुलिस ने एक लाख रुपये का घोषित किया था इनाम। जागरण
    पुलिस ने एक लाख रुपये का घोषित किया था इनाम। जागरण

    HighLights

    1. मऊ, आजमगढ़ गाजीपुरव गोरखपुर जनपद में में दर्ज हैं 36 मुकदमे
    2. मथुरा में पुलिस मुठभेड़ में मार ढहाए जाने के पुलिस ने ली राहत

     जागरण संवाददाता, मऊ। माफिया मुख्तार अंसारी, सिवान के मोहम्मद शहाबुद्दीन और मुन्ना बजरंगी गिरोह के शार्प शूटर रह चुके जनपद के ताहिरपुर निवासी पंकज यादव ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया था। उसके ऊपर मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर सहित गोरखपुर जनपद में हत्या, लूट, डकैती सहित कई संगीन धाराओं में कुल 36 मुकदमे दर्ज हैं।

    इसमें मऊ में 22 मुकदमे, गाजीपुर व गोरखपुर में तीन-तीन व आजमगढ़ में छह मुकदमें दर्ज है। वह आतंक का पर्याय बना था। मथुरा पुलिस द्वारा उसे पुलिस मुठभेड़ में मार ढहाए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।

    पुलिस के अनुसार एक लाख के इनामियां पंकज यादव ने वर्ष 2007 में अपराध की दुनियां में कदम रखा। गाजीपुर के कासिमाबाद थाने में चाेरी के मामले में गिरफ्तार हुआ तो अपराध की दुनिया में पीछे मुड़ कर नहीं देखा और एक के बाद एक बड़ी घटनाओं का अंजाम देने लगा।

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    वर्ष 2008 में उसने आजमगढ़ के मेंहनगर व फिर मऊ के रानीपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट, आजमगढ़ मेंहनगर आर्म्स एक्ट, जान से मारने का प्रयास, मऊ के हलधरपुर लूट के मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद वर्ष 2009 में रानीपुर में हत्या, घोसी में लूट के मुकदमे दर्ज हुए।

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    29 अगस्त 2009 को मऊ के ए ग्रेड के ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की घर से निकलते ही जनपद के गाजीपुर तिराहे पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसमें मुख्तार अंसारी गिरोह का नाम सामने आया था। इसके बाद मन्ना सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह रामसिंह मौर्य एवं उनके गनर सिपाही सतीश की 19 मार्च 2010 में मऊ जनपद के आरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

    इसमें पंकज यादव का नाम सामने आया था। इसके बाद एक से बढ़कर एक अपराध करते हुए पंकज यादव पुलिस की आंख में धूल झोंक कर फरार होता रहा। उसे पकड़ने के लिए वाराणसी एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

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    बुधवार सुबह चार बजे पंकज यादव अपने साथी के साथ कहीं जा रहा था । मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ आगरा और फरह पुलिस ने आगरा-दिल्ली राजमार्ग पर ब्रज की रसोई के आगे रोषू गढ़ी के पास घेराबंदी कर मार ढहाया। उसके मारे जाने के बाद जनपद सहित आमजन ने राहत की सांस ली है।