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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Govt. Scheme In Mau: सरकार की पहल... किसानों को नि:शुल्क मिलेगा सोलर पैनल, बिजली बिल से मिलेगा छुटकारा

    By Jagran NewsEdited By: Riya Pandey
    Updated: Thu, 25 May 2023 02:15 PM (IST)

    मऊ जनपद में विद्युत से संचालित करने वाले ट्यूबवेल संचालकों व किसानों के लिए खुशखबरी है। अब समृद्धि कुसुम घटक सी-1 योजना के तहत सरकार किसानों के यहां स ...और पढ़ें

    मऊ: जनपद में अब समृद्धि कुसुम घटक सी-1 योजना के तहत सरकार किसानों के यहां सोलर पैनल लगवाएगी।
    मऊ: जनपद में अब समृद्धि कुसुम घटक सी-1 योजना के तहत सरकार किसानों के यहां सोलर पैनल लगवाएगी।

    जागरण संवाददाता, मऊ: जनपद में विद्युत से संचालित करने वाले ट्यूबवेल संचालकों व किसानों के लिए खुशखबरी है। अब समृद्धि कुसुम घटक सी-1 योजना के तहत सरकार किसानों के यहां सोलर पैनल लगवाएगी। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति के लाभार्थियों के लिए कोई शुल्क देय नहीं होगा। सामान्य व पिछड़े वर्ग के लाभार्थियों के लिए सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देगी। इनको मात्र 10 प्रतिशत धनराशि चुकाना होगा। एक हार्स पावर सोलर की कीमत 65 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

    तत्कालीन केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री स्व. कल्पनाथ राय के प्रयास से घोसी से पांच किलोमीटर दूर सरायसादी में ग्रामसभा की 27 एकड़ भूमि सौर ऊर्जा केंद्र बना हुआ है। 11 अपैल 1992 को 3.5 एकड़ क्षेत्रफल में फैले सोलर रिसर्च सेंटर का का शुभारंभ किया गया था। कुछ दिनों तक सही चला लेकिन बाद में यह बजट के अभाव में बदहाल हो गया था। अब सौर ऊर्जा क्षेत्र में सरकार नई-नई योजनाएं ला रही है। अब सरकार की तरफ किसान समृद्धि कुसुम घटक सी-1 योजना लागू की गई है। इसके तहत विद्युत से संचालित ट्यूबवेल को सोलर पैनल से चलाए जाने का निर्णय लिया गया है।

    जनपद में 25757 ट्यूबवेल के कनेक्शन हैं। यानी विद्युत विभाग की तरफ से इतने ही ट्यूबवेल संचालित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत जनपद में निवास कर रहें अनुसूचित जाति, जनजाति, वनटांगिया एवं मुसहर जाति के ट्यूबवेल संचालकों के यहां निश्शुल्क सोलर पैनल लगाया जाएगा। सामान्य व पिछड़े वर्ग के ट्यूबवेल संचालकों को केवल 10 प्रतिशत धनराशि लगानी होगी। इसके लिए लाभार्थियों को कहीं जाने की भी आवश्यकता नहीं है। वह अपने विकास खंड कार्यालय पर खंड विकास अधिकारी से आफलाइन आवेदन करेंगे। संबंधित बीडीओ आवेदन एकत्रित करने के बाद नेडा कार्यालय को भेजेगा। इसके बाद स्वीकृति के लिए सरकार को भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलते ही सोलर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    अधिक उत्पादन पर भी मिलेगा लाभ

    पैनल लगाने के बाद अगर लाभार्थियों के यहां अधिक विद्युत उत्पादन होता है तो विद्युत विभाग द्वारा 3.58 रुपये प्रति यूनिट की दर से अलग से भुगतान भी किया जाएगा यानी विभाग इनकी विद्युत भी खरीदेगा। इससे अलग से आय होगी।

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    मऊ के परियोजना अधिकारी फिरोज अहमद ने बताया कि सोलर पैनल लेने के बाद किसानों को बिजली बिल जमा करने से छुटकारा मिल जाएगा। यही नहीं किसान अपने खेत की सिंचाई जब चाहेगा तब आसानी से कर लेगा। अगर उसके उपयोग से अधिक यूनिट बिजली उत्पन्न हो रही है तो विद्युत विभाग उसे खरीदेगा।