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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ghosi Bypoll 2023: सपा को संजीवनी दे गया घोसी का उपचुनाव, 2024 लोकसभा चुनाव के लिए सपाइयों में जोश

    By Swati SinghEdited By: Swati Singh
    Updated: Sat, 09 Sep 2023 03:57 PM (GMT+05:30)

    Ghosi Bypoll 2023 घोसी में हुई समाजवादी पार्टी की जीत ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा कार्यकर्ताओं में जोश भी भरा है। इसे लेकर उत्साह का माहौल है। प ...और पढ़ें

    सपा को संजीवनी दे गया घोसी का उपचुनाव
    सपा को संजीवनी दे गया घोसी का उपचुनाव

    मऊ, जागरण संवाददाता। घोसी विधानसभा का उपचुनाव समाजवादी पार्टी को संजीवनी दे गया है। भाजपा द्वारा पूरी ताकत झोंकने के बावजूद सपा के सुधाकर सिंह ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह जीत आगामी लोकसभा चुनाव में सपा कार्यकर्ताओं में जोश भी भरा है। इसे लेकर उत्साह का माहौल है। पिछले विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो, सपा को उसके घटक दलों के साथ कुल 125 सीट पर जीत मिली थी, जबकि एनडीए ने 275 सीट जीतकर सरकार बनाया था।

    सपा को सबसे ज्यादा सीटें पूर्वांचल के आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया और मऊ में मिली थी। सपा ने आजमगढ़ की सभी सीटों पर एकतरफा जीत हासिल की थी। यही हाल गाजीपुर का था। सात सीटों पर सपा को छोड़कर किसी दल का खाता तक नहीं खुला था। बलिया की सात सीट पर सपा को चार पर जीत मिली थी। पूरे प्रदेश में एक मात्र सीट बसपा को बलिया की रसड़ा विधान सभा के सीट के रूप में मिल सकी थी। जनपद भी तीन सीटों मुहम्मदाबाद गोहना, सदर व घोसी पर सपा ने अपना परचम लहराया था।

    दोगुना हो गया जीत का अंतर

    घोसी विधानसभा से सपा के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले दारा सिंह चौहान 16 माह बाद इस्तीफा देकर भाजपा से उपचुनाव लड़े थे और बुरी तरह से हार गए हैं। पिछले चुनाव में जहां सपा को 22 हजार से जीत मिली थी, जबकि उपचुनाव में यह अंतर दोगुना गया है। सपा के सुधाकर को कुल 1 लाख 24 हजार 427 मत मिले और दारा सिंह चौहान को 81 हजार 668 मत ही मिले। यानि पहले की तुलना की सपा का जनाधार बढ़ा है।

    बसपा का वोट भी सपा के पाले में गया

    हालांकि उपचुनाव में बसपा ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, उसका भी परंपरागत वोट 71 हजार वोट निर्णायक था। यह सपा के पाले में चला गया। इसकी वजह से भाजपा हार गई। वैसे राजनीतिज्ञों की मानें सपा के लिए यह उपचुनाव संजीवनी का काम करेगा। इसे लेकर सपाई पूरी तरह से उत्साहित है।

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