Asha Bhosle से जुड़ी अनमोल यादें सहेजे हैं मेरठ के गौरव शर्मा, इनमें पुराना ऑटोग्राफ, दुर्लभ तस्वीरें और गीत शामिल
Meerut News : महान गायिका आशा भोसले के निधन से संगीत प्रेमियों में शोक छा गया है। मेरठ के गौरव शर्मा ने आशा भोसले और लता मंगेशकर से जुड़ी अनमोल यादें ...और पढ़ें

लता स्वर गंगा साहित्य केंद्र के संस्थापक गौरव शर्मा को महान गायिका आशा भोसले द्वारा फोटो पर दिए आटोग्राफ। जागरण
HighLights
आशा भोसले के निधन पर संगीत जगत में शोक की लहर।
संग्रह में 13 साल पुराना ऑटोग्राफ, दुर्लभ तस्वीरें शामिल।
राजेंद्र शर्मा, मेरठ। महान गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। उनके निधन से संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। इनमें फूलबाग कालोनी में स्थित लता स्वर गंगा साहित्य केंद्र के संस्थापक गौरव शर्मा भी हैं। उन्होंने महान गायिका आशा भोसले और स्वर-साम्राज्ञी लता मंगेशकर से जुड़ी यादों को एक अनमोल धरोहर की तरह सहेज रखा है।

इस संग्रह में आशा भोसले का 13 वर्ष पुराना आटोग्राफ, दोनों बहनों के 50 सुपरहिट युगल गीत, दुर्लभ फोटो, पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित सामग्री और पुराने कैसेट-वीसीडी शामिल हैं।
गौरव शर्मा ने बताया कि वे 7 अगस्त 2013 को मुंबई स्थित प्रभु कुंज, पेडर रोड पर लता मंगेशकर से मिले थे। उसी दौरान उन्होंने आशा भोसले को पांच फोटोग्राफ भेजे थे, जिनमें से एक पर मिला आटोग्राफ आज भी उनके केंद्र की सबसे कीमती स्मृति के रूप में सुरक्षित है।
उनके संग्रह में कई सदाबहार गीतों का दस्तावेजी रूप भी मौजूद हैं, जिनमें फिल्म उत्सव का गाना मन क्यों बहका रे बहका आधी रात को...और फिल्म मैं तुलसी तेरे आंगन की का छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके... जैसे कालजयी गीत शामिल हैं।
मन क्यों बहका गीत को लता मंगेशकर और आशा भोसले ने गाया था, यह गीत आज भी श्रोताओं के बीच उतना ही लोकप्रिय है। गौरव के पास प्रसिद्ध फोटोग्राफर गौतम राजाध्यक्ष की फेसेस एलबम भी है, जिसमें लता मंगेशकर और आशा भोसले के विशेष फोटोशूट शामिल हैं।
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इसके अलावा एक दुर्लभ 10 रुपए का नोट भी उनकी संग्रह-संपदा का हिस्सा है, जिस पर आशा भोसले की जन्मतिथि 8 सितंबर 1933 अंकित है। यह संग्रह केवल स्मृतियों का संकलन नहीं, बल्कि हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर का जीवंत दस्तावेज है।
लता-आशा की आवाज, उनके गीत, दुर्लभ तस्वीरें और प्रकाशित सामग्री मिलकर उस सांस्कृतिक विरासत को संजोते हैं, जिसे नई पीढ़ी भी समझ और महसूस कर सकती है।
भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की
महान पार्श्वगायिका आशा भोसले के निधन पर हिंदुस्तानी बिरादरी की ओर से रविवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डा. सिराज कुरैशी ने की। कहा कि आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।