CCSU में UG-PG प्राइवेट परीक्षा बंद करने को हरी झंडी, अब केवल इन छात्रों की डिग्री कराई जाएगी पूरी
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर की प्राइवेट परीक्षाएं बंद करने का अहम फैसला लिया है। कुलपति की अध्यक्षता में हुई विद्वत परिषद की ...और पढ़ें

HighLights
विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद की बैठक में हुआ निर्णय।
ओडीएल और ऑनलाइन मोड में नए कोर्स उपलब्ध।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को हुई विद्वत परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण मामलों को हरी झंडी दे दी है।
इनमें सत्र 2026-27 से स्नातक एवं स्नातकोत्तर (UG-PG) में प्राइवेट परीक्षा को बंद करने का अहम निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय अब केवल पहले से ही पंजीकृत छात्र-छात्राओं की डिग्री पूर्ण कराएगा। प्रथम वर्ष में नए सत्र में कोई पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
प्राइवेट परीक्षा के स्थान पर विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं को ओडीएल एवं आनलाइन मोड में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न कोर्स में घर बैठे अथवा नौकरी करते हुए वैध डिग्री प्राप्त करने का मौका प्रदान करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने यूजी-पीजी में नए पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दे दी है।
प्राइवेट परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद पर लगाया विराम
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को विश्वविद्यालय में विद्वत परिषद की बैठक हुई। परिषद ने इन निर्णयों को स्वीकृति प्रदान कर दी है। विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की गुरुवार को होने वाली बैठक के बाद इसकी अधिकारिक घोषणा कर सकता है।
विश्वविद्यालय ने विद्वत परिषद की बैठक में अहम निर्णय लिया है। जिसमें विवादों के बाद प्राइवेट को बंद कर दिया गया है। अब ओडीएल में छात्र-छात्राएं आनलाइन पढ़ेंगे।
एनईपी लागू होने के उपरांत यह कोर्स नहीं चलने थे, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की ग्रामीण पृष्ठभूमि बताते हुए विश्वविद्यालय की ओर से पंजीकरण किया जाता रहा। वहीं, सेल्फ-फाइनेंस कालेज फेडरेशन ने भी यूजी-पीजी की प्राइवेट परीक्षा का विरोध किया।
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फेडरेशन इसकी वैधता को लेकर हाईकोर्ट तक भी पहुंची। अभी इस मामले में कोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय ने आगामी सत्र से यूजी-पीजी प्राइवेट को बंद करने का निर्णय लेते हुए सभी विवादों पर एक तरह से विराम लगा दिया है।
नए सत्र में नहीं होंगे प्राइवेट में पंजीकरण
विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार नए सत्र से अब प्राइवेट में प्रथम वर्ष में कोई पंजीकरण नहीं होंगे। द्वितीय व अंतिम वर्ष, एक्स एवं बैक के पहले से पंजीकृत छात्र-छात्राओं की ही डिग्री पूरी करायी जाएगी। वहीं, विश्वविद्यालय छात्र-छात्राएं इस निर्णय के विरोध में उतर सकते हैं।