CCSU और UP के अन्य विश्वविद्यालयों में जॉब ओरिएंटेड स्किल ट्रेनिंग का मौका, केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेंगे युवा
CCSU: राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देश पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय हर साल 500 युवाओं ...और पढ़ें

HighLights
कुलाधिपति के निर्देश पर सीसीएसयू ने कालेजों को दिए निर्देश।
खाली भवनों व उपलब्ध संसाधनों के उपयोग का होगा उपयोग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक दक्षताओं से जोड़ने की दिशा में प्रदेश स्तर पर पहल की गई है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के निर्देश पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों में युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य युवाओं को स्वावलंबी और रोजगारपरक बनाना है। सीसीएसयू के कुलसचिव ने कालेजों को निर्देशों का हवाला देते हुए उपलब्ध खाली पड़े शैक्षणिक भवनों और अन्य संसाधनों का उपयोग करते हुए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर दिया है।
राज्यपाल सचिवालय के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक राज्य विश्वविद्यालय और संस्थान को हर वर्ष 500 प्रतिभागियों, महिला व पुरुष, को विभिन्न रोजगारपरक विषयों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षण का लक्ष्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो आगे चलकर स्वरोजगार या वेतन आधारित रोजगार से जुड़ना चाहते हैं।
कौशल शिक्षा की यह पहल उच्च शिक्षा में रोजगारपरकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बदलते रोजगार बाजार में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। उद्योग और संस्थानों की जरूरत के अनुरूप तकनीकी, व्यावसायिक और व्यावहारिक कौशल रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने से विद्यार्थियों और युवाओं को पढ़ाई के साथ काम के लिए जरूरी दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
राज्यपाल सचिवालय ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर उसे यथाशीघ्र शुरू किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके। सीसीएसयू ने भी संबद्ध कालेजों और संस्थानों से तैयारी करने को कहा है। इसमें ऐसे युवाओं को कौशल प्रशिक्षण में शामिल करने को कहा गया है जिन्होंने किसी कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी, लेकिन हुनर सीखकर रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ना चाहते हैं।
