विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेपाल से 'रावण की ससुराल' तक 2295 KM साइकिल यात्रा, इसमें पद्मभूषण अनिल जोशी के नेतृत्व में होगा पर्यावरण की चुनौतियों पर मंथन

By Anand Prakash Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 25 Sep 2026 05:41 PM (IST)

Pollution Awareness: पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी 2 अक्टूबर को जनकपुर से मेरठ तक 2295 किमी की साइकिल यात्रा शुरू ...और पढ़ें

पद्मभूषण डाॅ. अनिल प्रकाश जोशी।

पद्मभूषण डाॅ. अनिल प्रकाश जोशी।

HighLights

  1. दो अक्टूबर को जनकपुर से शुरू होकर मेरठ में 20 नवंबर को समाप्त होगी यात्रा।

  2. प्रकृति संरक्षण, जल बचाव पर जागरूकता बढ़ाना है इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, मेरठ। वरिष्ठ पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मनुष्य का चारित्रिक पतन ही प्रकृति के विनाश का मुख्य कारण है। लोग घरों में प्रभु का पूजन करते हैं, लेकिन प्रकृति का ह्रास करने में हिचकते नहीं हैं।

प्रभु और प्रकृति एक समान हैं। प्रकृति ही सर्वोपरि धर्म है, इसी संदेश के साथ वह जनकपुर (नेपाल) से दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर साइकिल यात्रा आरंभ करेंगे और 20 नवंबर को मेरठ में समापन करेंगे। 2295 किलोमीटर के सफर में 51 दिनों तक प्रतिदिन 50-60 किमी साइकिल से यात्रा करेंगे। 

गुरुवार को मेरठ पहुंचे डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने बताया कि नेपाल के बाद बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और एनसीआर में साइकिल यात्रा पहुंचेगी। माता सीता के मायके जनकपुर से साइकिल यात्रा का आरंभ इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि माता सीता धैर्य की प्रतिमूर्ति हैं। वह जननी हैं। शुभ कार्य के लिए मां का आशीर्वाद होना चाहिए और नेपाल में हुई त्रासदी को देखते हुए यात्रा आरंभ करने का स्थान चयनित किया।

मेरठ को कहा जाता है रावण की ससुराल

उन्होंने कहा कि मेरठ को रावण की ससुराल कहा जाता है। आज हमारी दृष्टि में वे सभी रावण हैं, जो प्रकृति को नष्ट करने पर तुले हैं। नदियों का दम घोंट रहे हैं, वाहनों से प्रदूषण फैला रहे हैं। साइकिल यात्रा के दौरान उन चुनौतियों पर चर्चा करेंगे, जो भविष्य की दहलीज पर खड़ी हैं।

प्रकृति के प्रति दृष्टिकोण में गंभीरता लानी होगी। पौधारोपण से ज्यादा जरूरी नदी और जल संरक्षण है। स्वच्छ और पर्याप्त पानी होगा तो प्रकृति खुद ही पौधे उगा देती हैं। प्रदूषण बढ़ने में सरकार नहीं, बल्कि समाज और सोच जिम्मेदार है। आमजन प्रदूषण, हवा, नदी एवं जंगल को चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनाते हैं।

यह है यात्रा का रूट

दो अक्टूबर को यात्रा जनकपुर से शुरू होगी। उसके बाद मधुबनी, दरभंगा, दलसिंहसराय, बेगूसराय, मुंगेर, भागलपुर, बराहाट, बांका, देवघर, जमुई, बाढ़, पटना, आरा, बक्सर, देवरिया, गोरखपुर, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, कानपुर, दतिया, ग्वालियर, धौलपुर, आगरा, मथुरा, पलवल, फरीदाबाद, दिल्ली होते हुए मेरठ में समाप्त होगी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।