शिवभक्ति का स्वरूप यह भी!... एक्स. मुस्लिम शिवभक्त कांवड़ियों का जत्था बना आकर्षण और चर्चा का विषय
हरिद्वार से गाजियाबाद के दूधेश्वर महादेव मंदिर जा रहे 50 से अधिक पूर्व मुस्लिम कांवड़ियों का जत्था मेरठ में आकर्षण का केंद्र बना। स्वैच्छिक रूप से सना ...और पढ़ें

कांवड़ पटरी मार्ग पर महादेव के जयघोष के साथ जानकारी देते एक्स. मुस्लिम शिवभक्त। जागरण
HighLights
50 पूर्व मुस्लिम कांवड़ियों का जत्था बना चर्चा का विषय।
हरिद्वार से गाजियाबाद दूधेश्वर महादेव मंदिर तक यात्रा।
स्वैच्छिक रूप से सनातन धर्म अपनाया, पहली बार कांवड़।
जागरण संवाददाता, सरधना (मेरठ)। सावन माह की कांवड़ यात्रा में इस बार आस्था का एक अलग स्वरूप देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद स्थित दूधेश्वर महादेव मंदिर की ओर बढ़ रहे स्वयं को एक्स मुस्लिम बताने वाले 50 से अधिक कांवड़ियों का जत्था रविवार को चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग से होकर गुजरा। इस दौरान जत्था श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण और चर्चा का विषय बना रहा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
कांवड़ पटरी मार्ग पर जत्थे में सहारनपुर निवासी शहजाद अब शंकर और उनकी पत्नी रजिया सावित्री के नाम से जाना जाते हैं। जो पहली बार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वहीं, बिजनौर निवासी सरफराज उर्फ इमरोज आलम अब राजन नाम से जाने जाते हैं और इस तीन दिवसीय यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। जत्थे में 50 से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं। शंकर ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2026 में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया।
भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था के चलते उन्होंने पहली बार कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें समाज में अपनापन, सम्मान और सहयोग मिला। जिससे उनकी आस्था और अधिक मजबूत हुई। वहीं राजन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में सनातन धर्म अपनाया था। सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विचारों और परंपराओं से प्रभावित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया। बताया कि भगवान आशुतोष के प्रति श्रद्धा ही उन्हें कांवड़ यात्रा तक लेकर आई है।
एक अगस्त को हरिद्वार की हरकी पैड़ी से शुरू हुई तीन दिवसीय यात्रा गाजियाबाद के प्रसिद्ध दूधेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल अर्पित करने के साथ संपन्न होगी। यात्रा के दौरान उनके साथ कार भी चल रही है।