यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की अधिक भूमि कब्जाने के आरोपों से मची खलबली, डीएम ने दिए जांच के आदेश
Ganga Expressway News In Hindi अधिग्रहण से अधिक भूमि कब्जाने आरोप यूपीडा के निर्देश पर शुरू हुई जांच। प्रभावित गांव खड़खड़ी और अतराड़ा निवासी ग्रामीणो ...और पढ़ें

HighLights
- मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल आईजीआरएस पर शिकायत
- 182 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जनपद में 182 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया। प्रभावित गांव खड़खड़ी और अतराड़ा निवासी ग्रामीणों ने अधिग्रहण से अधिक भूमि पर कब्जा किए जाने से संबंधित आरोप लगाकर मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल पर शिकायत कर दी। यूपीडा के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एसडीएम सदर को प्रकरण की जांच सौंपी है। सप्ताह भर में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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साल के अंत तक पूरा होने का प्रयास
मेरठ के गांव बिजौली से प्रयागराज तक निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 2024 के अंत तक पूरा करने के लिए कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के लिए जनपद के एक दर्जन गांवों में 182 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया है और गांव खड़खड़ी के जंगल में आठ लेन का टोल प्लाजा भी बनाया जा रहा है।
उधर, गांव खड़खड़ी और अतराड़ा निवासी ग्रामीणों ने अधिग्रहण की गई जमीन से अधिक हिस्से पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल आईजीआरएस पर शिकायत कर दी। साथ ही जांच कराकर कब्जाई गई भूमि को मुआवजा प्रदान किए जाने की मांग भी की गई। प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के संरेखण से प्रभावित गांव खड़खड़ी और अतराड़ा में अधिग्रहीत की गई भूमि से अधिक पर कब्जा किए जाने के आरोपों की जांच के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। साथ ही जांच पूर्ण कर तमाम अभिलेखों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है।
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एसडीएम सदर करेंगे जांच
ग्रामीणों द्वारा अधिग्रहण से अधिक जमीन कब्जा किए जाने के आरोपों की जांच के लिए एसडीएम सदर को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही तमाम जमीन से संबंधि तमाम अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने एसडीएम सदर को जांच कर सप्ताह भर में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। रिपोर्ट जांच का अवलोकन कर यूपीडा को भेजी जाएगी।