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    हस्तिनापुर सीट: बाढ़ की विभीषिका से नहीं मिली मुक्ति, अन्य कई समस्याएं भी बरकरार; विधायक का विकास कार्य कराने का दावा 

    By Pankaj Tyagi Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:24 PM (IST)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक हस्तिनापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। लोगों का कहना है कि गंगा से आने वाली बाढ़ की विभी ...और पढ़ें

    हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र

     हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र

    HighLights

    1. हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक हैं प्रदेश के जलशक्ति राज्यमंत्री।

    2. जनता को बेहतर शिक्षा, परिवहन और पर्यटन सुविधाओं की दरकार।

    जागरण संवाददाता, मवाना (मेरठ)। वर्ष 1957 से अस्तित्व में हस्तिनापुर विधानसभा सीट का इतिहास बहुत रोचक है। मान्यता है, जिस पार्टी का प्रत्याशी यहां जीता, उसी पार्टी की प्रदेश में सरकार बन गई। महाभारतकालीन एवं ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण इस क्षेत्र की जनता कई बड़ी अपेक्षा, आकांक्षा के साथ विधायक चुनती है, लेकिन विकास की कसौटी पर वह खरा नहीं उतर पा रहे हैं।

    भाजपा के दिनेश खटीक 2017 और फिर 2022 में भी यहां से जीते और जलशक्ति राज्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुए, लेकिन गंगा नदी के उफान से आने वाली बाढ़ की विभीषिका से जनता को मुक्ति दिलाने वाली शक्ति नजर नहीं आई। वर्ष 2023 में मुजफ्फरनगर के सीमा क्षेत्र से लगभग 10.80 किलोमीटर लंबा तटबंध भारी भरकम बजट से बना, लेकिन अभी भी 20 प्रतिशत कार्य पूरा नहीं हुआ।

    यहां से 25 सेंटीमीटर स्लोप में आने वाला क्षेत्र का लगभग 54 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने के लिए कोई कार्ययोजना ही नहीं है। जिससे 50 से अधिक गांव बाढ़ की विभीषिका हर वर्ष झेलते हैं। हस्तिनापुर को कृष्णा सर्किट से जोड़ने की घोषणा के बाद यहां राष्ट्रीय संग्रहालय बनना था, उसकी जमीन तक चिह्नित नहीं की गई।

    कार्तिक पूर्णिमा पर मखदूमपुर गंगा घाट पर लगने वाले पांच दिवसीय मेले में भले ही तंबुओं की नगरी बसती है, लेकिन पक्का घाट व पैड़ी बनाने के प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ। पर्यटन के साथ तीर्थस्थल होने के बावजूद यहां परिवहन सेवा पिछड़ी हुई है। मेरठ और चांदपुर को जोड़ने वाले गंगा पर बने पुल की अप्रोच रोड हर वर्ष बाढ़ के पानी के साथ बह जाती है। बूढ़ी गंगा के उत्थान को भूमि कब्जा मुक्त नहीं हुई और न साफ-सफाई हुई, जिससे वह दम तोड़ती दिखाई दे रही है।

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    खरखाली गंगा घाट पर भी तीन दिवसीय मेला लगता है, लेकिन पक्का घाट यहां भी नहीं बना। धनौरा तहसील से जुड़ने के लिए गंगा पर पुल निर्माण की मांग उठी, वह पूरी नहीं हुई। युवाओं की खेल प्रतिभा तराशने के लिए मवाना में स्टेडियम निर्माण की मांग अधूरी है।

    रोडवेज का सब डिपो बनाने को कार्ययोजना पर अमल शुरू हुआ, लेकिन कितने दिनों में कार्य पूरा होगा और यातायात कनेक्टिविटी कब शुरू होगी, स्पष्ट नहीं है। शिक्षा की बात करें, तो यहां कोई मैनेजमेंट कालेज नहीं है। युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा के लिए मेरठ का रुख करना पड़ता है।

    हस्तिनापुर विधानसभा सीट

    • पुरुष- 168091
    • महिलाएं- 137182
    • जैंडर - 18
    • कुल मतदाता - 305291

    मेरे कार्यकाल में क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास कार्य हुए: विधायक

    जलशक्ति राज्यमंत्री और हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक का कहना है कि उनके कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास कार्य हुए हैं। बिजनौर बैराज से भीकुंड तिराहा तक दो चरणों में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से तटबंध का निर्माण किया गया। चेतावाला पुल कार्य पूरा कराने के साथ अप्रोच रोड बनवाई। इससे दो जनपदों में यातायात की कनेक्टिविटी बेहतर हुई।

    लगभग 1400 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य हुए हैं। हस्तिनापुर राजकीय महाविद्यालय के साथ नंगला सलेमुपर व बली में इंटर कालेज, सात प्राथविद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बढ़ला का जीर्णोद्धार कराया है। मवाना में 6.35 करोड़ रुपये की लागत से सब डिपो का निर्माण शुरू करा दिया। जल्द ही निर्माण पूरा होने पर दिल्ली समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों के लिए बसों को संचालन शुरू हो जाएगा।

    विधायक दिनेश खटीक ने बताया कि हस्तिनापुर में मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा। मवाना के तहसील ग्राउंड में भी स्टेडियम बनाया जाएगा। हस्तिनापुर में पांच पांडवों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के द्वार बने हैं। द्रौपदी घाट, ऋंगि ऋषि आश्रम व गांधारी तालाब का जीर्णोद्धार किया गया है। आजादी के बाद पहली बार यहां इतने कार्य हुए हैं।

    क्षेत्र में अब कोई विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे: सपा प्रत्याशी

    पूर्व विधायक एवं रनरअप सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में अब कोई विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे। मेरे द्वारा ही गंगा पर पुल का प्रस्ताव व शिलान्यास किया गया था। पुल का कार्य व अप्रोच रोड निर्माण में धांधली हुई। जिसका नतीजा रहा कि बाढ़ के पानी से यह रोड बह जाती है। मैंने हर गांव के संपर्क मार्ग पर सड़क बनवाई और मवाना से किठौर के बीच सड़क का चौड़ीकरण कराया। मवाना से फलावदा के बीच की सड़क का चौड़ीकरण व निर्माण कराया। बाढ़ चबूतरे और तटबंध भी बनवाया।

    जनता कहिन...

    कई गांवों के संपर्क मार्गें के निर्माण की आवश्यकता है। यातायात व्यवस्था के कोई अच्छे संसाधन नहीं है। शूटिंग समेत कई खेलों में यहां के युवाओं ने देश का प्रतिनिधित्व किया है लेकिन इसके बावजूद यहां स्टेडियम नहीं है। उच्च शिक्षा के साथ व्यवसायिक शिक्षा के लिए कोई पहल नहीं की गई जिससे नए शैक्षिक संस्थान अस्तित्व में नहीं आए।
    -सोनू यादव, गाजीपुर, मवाना।

    हस्तिनापुर क्षेत्र में विकास का मुद्दा काफी हद तक दम तोड़ चुका है। मखदूमपुर संपर्क मार्ग का चौड़ीकरण की मांग वर्षों पुरानी है। यहां यातायात व्यवस्था भी काफी हद तक खराब है। गंगा स्नान पर यहां निकलना भी मुश्किल होता है। जबकि यह प्रमुख पर्व है। मखदूमपुर गंगा घाट पर पक्का घाट बनाने की मांग अभी पूरी नहीं हुई।
    -धर्मपाल गुढा, हस्तिनापुर।

    क्षेत्र में वर्तमान में सड़कों के निर्माण के साथ-साथ अन्य कई विकास कार्य हुए है। विधायक जी द्वारा गंगा पर 11 किलोमीटर का तटबंध एवं पूव में कटान निरोधक कार्य खादर क्षेत्र के लिए वरदान साबित होंगे। खादर क्षेत्र के कई गांवों में सीसी रोड का निर्माण कराया। खादर क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा के लिए इंटर कालेज की आवश्यकता है।
    -बृजपाल सिंह, सिरजेपुर, हस्तिनापुर।

    विधायक जी के कार्यकाल में कई विकास कार्य हुए हैं। क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा एवं जनसुविधाओं से जुड़े कई विकास कार्य हुए हैं। हालांकि क्षेत्र की कुछ प्रमुख सड़कों का निर्माण, जलनिकासी की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा खादर क्षेत्र की समस्याओं का समाधान अभी अपेक्षित है। उम्मीद है लंबित जनसमस्याओं को प्राथमिकता देकर शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
    -जयप्रकाश बैसला, हस्तिनापुर।