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मेरठ कांवड़ यात्रा में शिवभक्त दंपती को मिला अनमोल उपहार, सीएचसी में जन्मा 'नन्हा शिवभक्त'

Published: Fri, 07 Aug 2026 09:38 AM (IST)

हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही कांवड़ यात्री मनीषा ने मेरठ के पांचली सीएचसी में एक स्वस्थ बेटे को जन्म ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

जागरण संवाददाता, मेरठ। कांवड़ यात्रा में आस्था की राह पर चल रहे एक शिवभक्त दंपती को ऐसा अनमोल उपहार मिला, जिसे वह जिंदगीभर नहीं भुला सकेगा। हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद लौट रही महिला को रास्ते में प्रसव पीड़ा हुई। महिला को पांचली सीएचसी में भर्ती कराया गया। इस बीच परिवार वालों की सांसें अटकी रहीं। चिकित्सकों की तत्परता से सुरक्षित प्रसव हुआ और महिला ने बेटे को जन्म दिया। जैसे ही नवजात की पहली किलकारी गूंजी, सबने एक साथ उद्घोष किया...हर-हर महादेव।

जगह भी अनजान थी और लोग भी, लेकिन भक्ति की इस राह में चप्पे-चप्पे पर भोले भंडारी विराजे हैं, शायद इसीलिए सबकुछ ठीक रहा और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सूचना मिलते ही माता-पिता समेत अन्य परिवार वालों को बधाइयां मिलनी शुरू हो गईं। गाजियाबाद के कृष्णा विहार निवासी सोनू अपनी गर्भवती पत्नी मनीषा और चार वर्षीय बेटे विनय के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर 31 जुलाई को चले थे।

दो दिन पहले बागपत बाईपास स्थित मां कांवड़ सेवा शिविर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए रुके थे। उसी समय मनीषा को हल्की प्रसव पीड़ा हुई तो चिकित्सा कैंप के चिकित्सक ने दवा दे दी और विश्राम के लिए रुकने का आग्रह किया। गुरुवार को पीड़ा बढ़ी तो शिविर चिकित्सक की सलाह पर संचालक अमित गर्ग मूर्ति ने पांचली सीएचसी की चिकित्सक डा. विजया को संदेश भेजा। इस पर विजया ने जांच करने के बाद प्रसव की संभावना जताई।

एंबुलेंस से मनीषा व उनके परिवार वालों को पांचली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाया गया। वहां लगभग आधे घंटे बाद सुरक्षित प्रसव हुआ और मनीषा ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। श्रद्धालु बोले-भगवान शिव की विशेष कृपा हुईबच्चे का जन्म होते ही अस्पताल परिसर में खुशी का माहौल बन गया।

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स्वास्थ्य कर्मियों, अस्पताल में मौजूद लोगों और अन्य कांवड़ियों ने परिवार वालों को बधाई दी। कई श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा बताते हुए नवजात के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्थानीय लोगों ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और कांवड़ यात्रा के दौरान जन्मा यह शिशु परिवार के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद है।

बकौल सोनू, यह तो पता था कि मनीषा नौ माह की गर्भवती है लेकिन डिलीवरी के समय का अंदाजा नहीं था, इसलिए घर से कांवड़ लेने निकल पड़े थे। पहले बेटे विनय के पैदा होने के बाद वे दोनों चार साल से लगातार कांवड़ ला रहे हैं।

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