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    फर्जी थाने में FIR, एनकाउंटर और गिरफ्तारी का भय दिखाकर रंगदारी का खेल, मेरठ में नकली CO-SHO का भंडाफोड़

    By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 04:15 PM (IST)

    मेरठ में पुलिस अधिकारी बनकर अपहरण, मारपीट और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    मेरठ पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

    मेरठ पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

    HighLights

    1. पुलिस अधिकारी बनकर रंगदारी वसूलने वाला गिरोह पकड़ा गया।

    2. इंस्टाग्राम के जरिए शिकार फंसाकर फर्जी थाने में धमकाते थे।

    3. दो आरोपित गिरफ्तार, फर्जी पुलिस उपकरण और कार बरामद।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने पुलिस अधिकारी बनकर अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, रंगदारी और धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य इंस्टाग्राम के जरिए युवकों को अपने जाल में फंसाते थे और खुद को SHO, CO, SO व दारोगा बताकर अगवा कर फर्जी कार्रवाई का डर दिखाते हुए मोटी रकम वसूलते थे।

    पुलिस के अनुसार शुक्रवार को नीरज पाल ने तहरीर देकर बताया कि शशांक शर्मा, राहुल, आकाश और दो अन्य लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उसका अपहरण कर लिया। आरोप है कि उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई, फर्जी एफआईआर दिखाकर एनकाउंटर की धमकी दी गई और दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। इसके अलावा उसके गूगल-पे खाते से 10 हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मेरठ के निर्देश पर एसपी सिटी और सीओ ब्रह्मपुरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राहुल पाल निवासी रिठानी और आकाश निवासी पुट्ठा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

    पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनका पांच सदस्यीय गिरोह इंस्टाग्राम के माध्यम से युवकों को बुलाता था। इसके बाद उन्हें मोहकमपुर स्थित एक फर्जी कार्यालय में ले जाकर नकली पुलिस अफसर बनकर फर्जी एफआईआर दिखाते थे और एनकाउंटर व जेल भेजने का भय दिखाकर रंगदारी वसूलते थे।

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    पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मारुति ऑल्टो कार, एक नंबर प्लेट, दो मोबाइल फोन, टेलीफोन, लैपटॉप, टैबलेट, कैलकुलेटर, वॉकी-टॉकी, फोन-पे रिसीवर बॉक्स, बेंत, बीट बुक, मोहर, नेम प्लेट तथा विभिन्न प्रार्थना पत्र, फाइलें और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।