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    टच स्क्रीन से चालू-बंद होंगी मेरठ शहर की स्ट्रीट लाइट, खंभों पर सेंसरयुक्त डिवाइस लगेंगी, नगर निगम ने शुरू की तैयारी

    By Dileep Patel Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 15 Jan 2026 06:23 PM (IST)

    Meerut News : मेरठ में अब स्ट्रीट लाइटें टच स्क्रीन कंट्रोल पैनल और सेंसर तकनीक से संचालित होंगी। नगर निगम ने सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्ट ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक फोटो

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    HighLights

    1. तकनीकी विशेषज्ञों से मार्ग दर्शन लेकर निगम ने निकाला संचालन व मेंटीनेंस के लिए टेंडर

    2. अंधेरे में डूबी सड़कें होंगी रोशन, अवस्थापना के तीन करोड़ से स्थापित होगा सीसीएमएस

    जागरण संवाददाता, मेरठ। अंधेरे में डूबी शहर की सड़कों को रोशन करने वाली स्ट्रीट लाइटों को जलाने और बुझाने के लिए अब तकनीक का उपयाेग किया जाएगा। मैनुअल स्विच की जगह अब टच स्क्रीन कंट्रोल पैनल और सेंसिटिव सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे कंप्यूटर की स्क्रीन की बटन को टच करते ही स्ट्रीट लाइटें जलेंगी और बंद होगी।
    प्रथम चरण में नगर निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1500 लाइटों के लिए यह व्यवस्था बनाने के लिए संचालन व मेंटीनेंस का टेंडर जारी कर दिया है, जो सात फरवरी को टेंडर खुलेगा। इससे पहले 21 जनवरी को प्री-बिड मीटिंग की जाएगी।

    राजस्थान के भिवाड़ी की तर्ज पर निगम मेरठ में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मानीटरिंग सिस्टम स्थापित करने जा रहा है। अवस्थापना निधि से तीन करोड़ रुपये इसके लिए आंवटित किया गया है। आइआइटी दिल्ली के तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेने के बाद निविदा निकाली गई है। प्रथम चरण में शहर के प्रमुख मार्गों को लिया गया है।

    स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सेंसर युक्त डिवाइस लगाई जाएगी। करीब 500 पैनल लगेंगे। एक पैनल से 25 पोल जोड़े जाएंगे। पैनल में इलेक्ट्रिक मीटर भी होंगे। जिनके जरिए यह पता चलता रहेगा कि बिजली की खपत कितनी है। इससे बिजली बिल अनुमानित नहीं, वास्तवित होंगे। पैनल के सेंसर स्ट्रीट लाइट बंद होते ही कंट्रोल रूम में मैसेज छोड़ देंगे। जिससे तत्काल लाइट को सुधारा जा सकेगा। शिकायत या सूचना आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    वाहनों के गुजरने पर ज्यादा और कम होगी रोशनी

    डे लाइट और मोशन सेंसर का उपयोग भी होगा। डे लाइट सेंसर के जरिए जैसे ही सूर्यादय होगा और दिन की रोशनी होगी वैसे ही लाइट अपने आप बंद हो जाएगी। शाम होते ही लाइट अपने आप जल उठेगी। मोशन सेंसर कम आवाजाही वाली सड़कोें पर रात के समय अपने आप लाइटें डिम कर देगा, जैसे ही वाहन या व्यक्ति गुजरेंगे पूरी क्षमता से जलने लगेंगी। यह तकनीक हाइवे, एक्सप्रेस-वे पर उपयोग होती है। अब शहर के प्रमुख मार्ग पर इस्तेमाल की जाएगी।

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    10 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें हैं खराब

    शहर में नगर निगम की 56 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटे लगी हैं। जिनमें से करीब 10 हजार स्ट्रीट लाइट बंद-खराब पड़ी हैं। मुख्य मार्गों में बिजली बंबा बाइपास रोड, मवाना रोड, बागपत रोड, दिल्ली रोड पर परतापुर फ्लाई ओवर से शताब्दी नगर तक, सोतीगंज के आसपास, जलीकोठी, खैरनगर, रेलवे रोड चौराहे से सिटी स्टेशन के बीच सड़कों पर अंधेरा रहता है। यूनिवर्सिटी रोड, गढ़ रोड सहित इन मार्गों पर नई व्यवस्था देखने को मिलेगी।

    इन्होंने कहा 

    सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मानीटरिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए संचालन व मेंटीनेंस के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। सात फरवरी को तकनीकी बिड खुलेगी। हरियाणा के भिवाड़ी में यह व्यवस्था है। उसी तर्ज पर मेरठ की पथ प्रकाश को अब संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण में डेढ़ हजार लाइटों को इस सिस्टम में लिया जा रहा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर की लाइटों को जोड़ा जाएगा।

    प्रमोद कुमार, मुख्य अभियंता नगर निगम।