मेरठ में मिल चुके 4200 एचआइवी-एड्स संक्रमित, जांच के लिए उच्च प्राथमिकता वाले नौ शहरों में मेरठ भी
मेरठ में अब तक 4200 एचआईवी-एड्स संक्रमित मरीज पंजीकृत किए गए हैं, जिसके चलते यह शहर जांच के लिए उच्च ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
मेरठ में 4200 एचआईवी-एड्स संक्रमित मरीज पंजीकृत।
'आई स्कैन' अभियान 24 अगस्त से 30 सितंबर तक चलेगा।
क्यूआर कोड से जोखिम आकलन, मुफ्त जांच की सुविधा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। एचआइवी एड्स की रोकथाम के लिए नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन द्वारा आइ स्कैन अभियान की शुरुआत की गई है। प्रदेश में एचआइवी एड्स की जांच के लिए उच्च प्राथमिकता वाले नौ शहरों की सूची में मेरठ का नाम भी शामिल है। यहां अब तक 4200 रोगी पंजीकृत किए जा चुके हैं। आइ स्कैन के तहत 24 अगस्त से 30 सितंबर तक 200 गांवों में खुली बैठकें आयोजित की जाएंगी।
प्रत्येक गांव में 30 क्यूआर कोड वाले पंपलेट वितरित किए जाएंगे, जिन्हें कोई भी व्यक्ति स्कैन करके सेल्फ रिस्क असेसमेंट कर सकेगा और आवश्यकता पड़ने पर निकटतम केंद्र पर जाकर निश्शुल्क जांच करवा सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. विपुल कुमार ने बताया कि आइ स्कैन क्यूआर कोड की लांचिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि एचआइवी एड्स आज भी असाध्य है। सही जानकारी ही एकमात्र बचाव है। अब क्यूआर कोड स्कैन करके एचआइवी का जोखिम जान सकेंगे।
स्कैन करने पर इसमें कुछ सवाल पूछे जाते हैं, जिनके जवाब के आधार पर साफ्टवेयर यह बता देगा कि आप एचआइवी एड्स के जोखिम में हैं या नहीं। यदि जोखिम की श्रेणी में हैं तो नजदीकी सेंटर पर जाने जांच कराने की सलाह दी जाएगी। इस तकनीक के जरिए जनपद में नए रोगी चिह्नित किए जाएंगे, ताकि समय रहते उनका उपचार शुरू हो सके। मेरठ, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी सहित नौ शहर हैं। इन जनपदों में बाहर से लोगों की आवाजाही ज्यादा है। इसलिए यहां एचआइवी एड्स की जांच में प्राथमकिता दी जा रही है।
