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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Meerut News: कैफे हाउस की आड़ में चल रहा हुक्का बार, वसूलते थे एक हजार का फ्लेवर, लड़की साथ होने पर कीमत डबल

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Mon, 09 Jan 2023 07:48 AM (IST)

    Hookah Bar In Cafe Gouse मेरठ के हुक्काबार में पुलिस ने सात नाबालिग लड़के और लड़कियों को पकड़ा था। जिन्हें उनके स्वजनों को सौंप दिया। पुलिस को हुक्का ...और पढ़ें

    Hookah Bar In Cafe Gouse: पुलिस ने हुक्का बार में पकड़े आरोपित।
    Hookah Bar In Cafe Gouse: पुलिस ने हुक्का बार में पकड़े आरोपित।

    मेरठ, जागरण टीम। सिविल लाइन थानाक्षेत्र में ईव्ज चौराहे के पास दी फीस्ट हाउस कैफे की आड़ में हुक्काबार चल रहा था। सर्विलांस की टीम ने छापा मारकर भंड़ाफोड़ किया है। पुलिस यहां से मैनेजर सहित 18 लोगों को पकड़कर थाने लेकर आई। मैनेजर और कैफे स्वामी के खिलाफ सिगरेट व तंबाकू वितरण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही 10 लोगों का चालान किया गया है। सात नाबालिग को उनके स्वजन को सौंपा है। कैफे से हुक्का और भारी मात्रा में तंबाकू के फ्लेवर बरामद हुए हैं। पुलिस की भूमिका पर भी जांच बैठा दी गई है।

    दी फीस्ट कैफे में छापेमारी

    एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि रविवार को सर्विलांस प्रभारी योगेंद्र की टीम ने ईव्ज चौराहे स्थित दी फीस्ट कैफे में छापेमारी की। वहां कैफे की आड़ में हुक्काबार चलता मिला। किशोर हुक्के से धुआं उड़ा रहे थे। पुलिस ने मैनेजर नदीम निवासी सिवाया थाना दौराला और 17 युवक व किशोर पकड़े। कैफे के अंदर से पुलिस को चार हुक्के, उसमें डालने वाले तंबाकू के कई फ्लेवर मिले हैं। पुलिस ने पकड़े गए 10 आरोपितों का थाने लाकर दफा 34 में चालान कर उन्हें थाने से छोड़ दिया।

    पुलिस को मिली हुक्का बार के अंदर कई चीजें

    हुक्का बार के अंदर से पुलिस को हुक्के के फ्लेवर में तंबाकू, निकोटिन और ग्लीसरीन समेत कई चीजें मिली हैं। इनके पैकेट पर कैंसर के खतरे वाला फोटो भी छपा हुआ है। नियमों के मुताबिक तंबाकू वाले ऐसे उत्पाद नाबालिगों को नहीं बेचे जा सकते। इसके बावजूद कैफे के अंदर छात्रों और टीनेजर्स को ये फ्लेवर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। यहां तक कि हुक्का बार में भी नाबालिगों को प्रवेश दिया जा रहा था। बाकायदा एक हजार रुपये एक फ्लेवर के वसूले जाते थे, जबकि लड़की साथ ले जाने पर रकम दोगुनी यानी दो हजार हो जाती थी।

    शहर में कैफे की आड़ में चल रहे हुक्का बार

    बेगमपुल, नौचंदी, सदर बाजार, तेजगढ़ी, ईव्ज चौराहा, सेंट्रल मार्केट और शास्त्रीनगर समेत कई इलाकों को मिलाकर पूरे शहर में हुक्के का सेवन किया जाता है। इनमें से ज्यादातर जगहों पर तंबाकू वाला फ्लेवर ही इस्तेमाल हो रहा है। एसपी सिटी पीयूष सिंह का दावा है कि हुक्का बार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

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    हुक्का बार में छात्रों की भरमार

    कैफे के अंदर मिले रजिस्टर से सामने आया कि हुक्का बार में छात्रों की भरमार है। बार में आने वालों में 60 फीसद स्कूल और कालेज जाने वाले छात्र होते हैं। इनमें ज्यादातर की उम्र 18 साल से कम है।

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    हुक्का बार में बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पाद परोसा जाना गलत है। ऐसे सेंटर शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में नहीं खुल सकते। इनके लिए फायर विभाग की एनओसी भी चाहिए। ऐसे नियमों का उल्लंघन मिलने पर कोटपा-2003 के तहत कार्रवाई होगी। रोहित सजवान, एसएसपी

    आकिल त्यागी और आयुष वर्मा को बिल्डिंग कैफे खोलने के लिए किराए पर दी थी। हुक्का बार संचालन के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हुक्का बार संचालन कर रहे थे, तो उनके खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करे। मोनिंदर सूद, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस

    छापे से पहले बर्थ-डे पार्टी में भी लगाए गए हुक्का के दम

    कैफे में चल रहे हुक्का बार में छापे से पहले बर्थ-डे पार्टी मनाई गई। रईसजादों ने बर्थ-डे पार्टी में भी हुक्का में दम लगाए गए। मैनेजर नदीम ने बताया कि बर्थ-डे पार्टी में हुक्के की अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। सीओ अरविंद चौरासिया ने बताया कि रविवार को दोपहर बर्थ-डे पार्टी में केक काटने के खाना और साथ-साथ हुक्के में भी दम लगाए गए।