बिना नागरिकता के 1993 से मेरठ में रह रहीं मां-बेटी, ISI के लिए जासूसी करने का भी आरोप
Meerut News : मेरठ में एक महिला और उसकी बेटी पर 1993 से बिना भारतीय नागरिकता के रहने का आरोप लगा है। उन पर फर्जी दस्तावेज बनाकर आईएसआई के लिए जासूसी क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
दोनों के खिलाफ थाना देहली गेट में रिपोर्ट दर्ज ।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का भी आरोप।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जली कोठी स्थित नादिर अली कोठी निवासी एक महिला व उसकी बेटी पर बिना नागरिकता तीन दशक से मेरठ में रहने का आरोप लगा है। दोनों के खिलाफ एक महिला ने एसएसपी व एसपी सिटी को शिकायत देने हुए आइएसआइ के लिए जासूसी करने व गोपनीय जानकारी पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके बाद दोनों के खिलाफ थाना देहली गेट में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस मामले की जानकारी कर रही है।
देहली गेट के कोठी अतानस निवासी रुकसाना ने बताया कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तानी नागरिक सबा उर्फ नाजी से पाकिस्तान जाकर वर्ष-88 में निकाह किया था। दोनों को तीन संतान हुईं। वर्ष-1993 में सबा पाकिस्तान गई थी। वहां उसने चौथी बेटी ऐमन फरहत को 25 मई 93 को जन्म दिया।
वापसी में उसने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ऐमन फरहत की एंट्री कराई और भारत वापस आ गई। यहां ऐमन का कैंट के प्रतिष्ठित स्कूल में एडमिशन कराया गया लेकिन उसको भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई। सबा व ऐमन फरहत आज तक पाकिस्तानी नागरिक हैं।
आरोप है कि सबा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऐमन का फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। सबा ने वोटर लिस्ट में अपना सबा मसूद व नाजिया मसूद के नाम से दो वोट बनवा लिए। दोनों नाम एक ही पाकिस्तानी महिला के हैं। फर्जी पासपोर्ट पर मां बेटी कई बार विदेश यात्रा कर चुकी हैं। महिला का आरोप है कि सबा के पाकिस्तानी पिता हनीफ आइएसआइ एजेंट हैं।
खबरें और भी
उसने सबा व ऐमन पर आइएसआइ के लिए जासूसी करने व स्लीपर सेल तैयार करने का आरोप भी लगाया। आरोप लगाया कि दोनों सैन्य इलाकों व दिल्ली के कई मंत्रालय में घूमकर आइएसआइ के लिए सूचना जुटाती हैं। रुकसाना का कहना है कि पूरे मामले की उन्होंने एसएसपी व एसपी सिटी से शिकायत की। इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत करने पर उससे गाली गलौज कर जान से मारने व झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी। उसकी तहरीर पर आरोपितों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इन्होंने कहा
एक महिला ने इस बारे में शिकायत की थी। इसकी जांच एसपी सिटी से कराई गई। जांच में फर्जी दस्तावेज बनाने के साक्ष्य मिले। इसी आधार पर देहली गेट थाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अविनाश पांडेय, एसएसपी मेरठ।
इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
बीएनएस की धारा 318 ( 4 ) : धोखाधड़ी और बेईमानी से किसी को संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करना। इसमें सात साल तक की सजा व जुर्माने का प्रविधान।
बीएनएस की धारा 336 ( 3 ) : जालसाजी करना, किसी दस्तावेज़ या इलेक्ट्रानिक रिकार्ड का उपयोग किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से करना। तीन साल की सजा व जुर्माने का प्रविधान।
बीएनएस की धारा 338 : मूल्यवान प्रतिभूतियों, वसीयत, धन, संपत्ति के हस्तांतरण में दस्तावेजों की जाली या कूटरचना करना। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रविधान।
बीएनएस की धारा 340 ( 2 ) : जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रानिक रिकार्ड का उपयोग यह जानते हुए करना कि वह नकली है, फिर भी असली बताकर इस्तेमाल करना। इसमें सात साल तक की सजा और जुर्माने का प्रविधान।
बीएनएस की धारा 351( 2 ) : आपराधिक धमकी देना, किसी व्यक्ति की संपत्ति या प्रतिष्ठा को नुकसान पहु्ंचाना, इसमें दो साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
बीएनएस की धारा 352 : जानबूझकर अपमान करना और उकसाना, ऐसे कार्य जिसका उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना हो। इसके तहत दोषी को दो साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।