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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kanwar Yatra: यूपी सरकार के आदेश का मेरठ में दिखा असर; मुस्लिम ढाबे का संचालन करेगा हिंदू, नया एग्रीमेंट हुआ

    Updated: Mon, 22 Jul 2024 12:20 PM (IST)

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    दुकान स्वामी का नाम के बोर्ड के आदेश पर रफीक टी स्टॉल पर अचानक लगाया मोदी योगी का बोर्डआबिद
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    HighLights

    1. कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों ने नाम लिखकर चस्पा की रेट लिस्ट
    2. श्री राधे-राधे का संचालन अब राजेंद्र यादव करेंगे

    जागरण संवाददाता, मेरठ। Kanwar Yatra Meerut News: कांवड़ यात्रा रूट पर लगने वाली दुकानों, ढाबों, रेस्टोरेंट व ठेलों पर नेम प्लेट लगाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश का असर दिख रहा है।

    दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मुहम्मदपुर लाला गांव के समीप श्री राधे-राधे ढाबा की पहचान बदल गई है। पहले यह ढाबा ठेके पर श्यामनगर के आमिर चला रहे थे। अब इसे गुलावठी के राजेंद्र यादव चलाएंगे। उन्होंने एग्रीमेंट कराने के साथ-साथ एफएसडीए में रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है।

    साईंधाम कालोनी के मोड़ पर छोले-कुलचे लगाने वाले बिट्टू पाल ने ठेले पर अपना नाम लिख लिया है। दिल्ली रोड पर पप्पी ढाबा, बाउंड्री रोड पर रफीक टी स्टाल, पीएल शर्मा अस्पताल रोड पर हलीम बिरयानी, हापुड़ अडडे पर नाजिम जूस कार्नर समेत कई दुकानदारों ने नेम प्लेट लगा ली है।

    अब हिंदू चलाएंगे मुस्लिम का ढाबा।

    पुष्टि के बाद ही ढाबे में प्रवेश कर रहे कांवड़िये

    कांवड़ ला रहे गाजियाबाद निवासी सोनू राजपूत, नोएडा निवासी प्रिंस व गाजियाबाद के लाल कुआं निवासी सोनू भाटी ने बताया कि मुजफ्फरनगर में ढाबों व दुकानों पर नाम-पता लिखा हुआ था। मेरठ की सीमा में आने के बाद वह ढाबा संचालक से नाम पूछने के बाद ही भोजन ग्रहण कर रहे हैं। चाय स्टाल का भी यही हाल है।

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    कांवड़ नहर पटरी पर अलवर निवासी कैलाश ने बताया कि मुजफ्फरनगर के एक ढाबे में उन्हें लहसुन वाला भोजन दे दिया। दाल भी कई दिन की रखी हुई परोसी। ऐसे में उनके जत्थे में शामिल किसी भी कांवड़िये ने भोजन नहीं किया। खतौली के पास से कांवड़ नहर पटरी पर आने पर उन्होंने शिविर में भोजन किया। रास्ते में किसी भी ढाबा संचालक ने नेम प्लेट नहीं लगाई है।

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    कांवड़ियों ने कहा, योगी ने समझाई कांवड़ की महत्ता 

    नहर पटरी मार्ग पर अलवर के सिलीसेढ़ निवासी कांवड़ियां 18 वर्षीय बब्बू और 24 वर्षीय रूप सिंह ने योगी सरकार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक तरह से यह निर्णय लेकर योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा की महत्ता समझाई है। वहीं कैलाश, मलूक व प्रवीण आदि कांवड़ियों ने बताया कि ढाबे समेत खानपान के ठेला संचालकों को अपना नाम, पहचान जरूरी लिखनी चाहिए।