यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rapid Rail: अब नहीं बोल सकेंगे, सारी मैं मेट्रो में हूं आवाज नहीं आ रही, सुरंग में भी 5जी से दौड़ेगा मोबाइल
Rapid Rail Train भूमिगत स्टेशनाें और सुरंग से ट्रेन के गुजरने पर नहीं रहेगी नेटवर्क बाधा। हर तरह के मोबाइल के लिए यानी 2जी 3जी 4जी और 5जी की रहेगी सुव ...और पढ़ें

HighLights
- रैपिड रेल में मिलेगी 5जी नेटवर्क की सुविधा
- मोबाइल पर साफ सुनायी देगी आवाज
मेरठ, जागरण संवाददाता, प्रदीप द्विवेदी। हेलो..हेलो, आवाज साफ नहीं सुनाई दे रही है...। ओह.. सारी मेट्रो में हूं, इसलिए बाद में बात करते हैं। वैसे भी अभी सुरंग के अंदर से मेट्रो गुजरने वाली है तब तो शायद नेटवर्क ही काम न करे। ओके..बाद में करते हैं। ...इस तरह की बातचीत आपने भी अक्सर सुनी होगी। मेट्रो ट्रेनों में मोबाइल नेटवर्क के ठीक से काम न करने जैसी बाधा रैपिड एक्स ट्रेन में नहीं रहेगी। एलिवेटेड स्टेशन में तो नेटवर्क तेजी से काम करेगा ही भूमिगत और सुरंग में भी ट्रेन गुजरने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
नेटवर्क में नहीं आएगी बाधा
मेट्रो ट्रेनों में भूमिगत हिस्से और सुरंग से गुजरने पर मोबाइल नेटवर्क में बाधा रहती है लेकिन रैपिड एक्स कारिडोर के भूमिगत हिस्से और सुरंग में सभी तरह का नेटवर्क पूरी क्षमता से दौड़ेगा। आपके पास चाहे हाल में ही आई तीव्र इंटरनेट सेवा 5जी हो या फिर पुरानी हो चुकी 2जी सेवा वाला नेटवर्क। इसमें सभी तरह के नेटवर्क की सुविधा रहेगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) देश-दुनिया के लगभग हर परिवहन सेवाओं का अध्ययन करके उसमें हो रही समस्याओं सीख लेकर रैपिड एक्स कारिडोर पर उसके समाधान की व्यवस्था पहले से ही कर रहा है। इसी कड़ी में है मोबाइल नेटवर्क के काम न करने की समस्या।
आपरेटर को जगह और कक्ष देगा एनसीआरटीसी
भूमिगत हिस्से और सुरंग में बेहतर नेटवर्क की व्यवस्था रखने के लिए मोबाइल नेटवर्क आपरेटर कंपनी को एनसीआरटीसी की ओर से कक्ष दिया जाएगा ताकि उसके कर्मचारी नेटवर्किंग व्यवस्था संभाल सकें। फाइबर केबल व अन्य तरह के उपकरण लगाने के लिए स्थान देगा ताकि नेटवर्क स्थापित हो सके। इसे इन बिल्डिंग साल्यूशन (आइबीएस) स्पेस लाइसेंसिंग कहा जाता है। एनसीआरटीसी ने 2जी, 3जी, 4जी और 5जी यानी इन सभी चारों तरह के नेटवर्क के लिए टेंडर मांगा है ताकि हर तरह के मोबाइल को नेटवर्क मिल सके।
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साढ़े सात घंटे का सफर 15 घंटे में हो रहा पूरा
मेरठ: राज्यरानी एक्सप्रेस की स्थिति बैलगाड़ी से बदतर हो रही है। साढे सात में पूरा होने वाला लखनऊ से मेरठ का सफर 14 से 15 घंटे में पूरा हो रहा है। लगातार तीसरे दिन शनिवार की सुबह पांच बजे ट्रेन सिटी स्टेशन पहुंची। ट्रेन साढ़े छह घंटा विलंबित रही। इसके मेरठ आने का निर्धारित समय रात 10:30 बजे है। राज्यरानी ट्रेन मेरठ वासियों को लखनऊ आने जाने के लिए एक मात्र ट्रेन है जो दिन में संचालित होती है। इसमें बिना आरक्षण के आम यात्री भी किफायती किराए में यात्रा कर सकता है। उस ट्रेन के इतना लेट होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को ट्रेन सवा चार घंटा विलंब से सुबह 11 बजे मेरठ से लखनऊ के लिए रवाना हुई।