यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Meerut Crime News: जिस बहन पर जान छिड़कता था भाई, बीमा में बनाया नामिनी, उसी ने 50 लाख रुपये के लिए कर दी हत्या
Meerut Crime News In Hindiबीमे का 50 लाख रुपये पाने की लालच में हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर उसने भाई की हत्या कर दी। भाई के शव को लेकर अपने मायके भी पहु ...और पढ़ें

HighLights
- हिस्ट्रीशीटर दोस्त के साथ बहन के घर गया था युवक
- पुलिस ने हत्यारोपितों को जेल भेजा
जागरण संवाददाता, मवाना (मेरठ)। भाई को जिस बहन से अथाह प्यार-स्नेह था, उस पर जान छिड़कता था और पूरा विश्वास भी करता था, इसी विश्वास के कारण 50 लाख के बीमे का नामिनी भी उसे बनाया, उसी बहन ने बहन-भाई के पावन रिश्ते की डोर को झटके में तोड़ दिया।
पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर व मृतक की बहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटना का राजफाश हो गया। रविवार को पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।
बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव भंडौरा निवासी 35 वर्षीय मोनवीर उर्फ मोनू अविवाहित था। वह रोडवेज में संविदा पर परिचालक था। वह शराब पीने का आदी था। उसने कुछ समय पहले ही अपना 50 लाख रुपये का बीमा कराया था और उसमे बहन सुरेखा को नामिनी बनाया था। वह बीमे की चार किस्त भी जमा कर चुका था।
सुरेखा के घर गया था मोनू
शुक्रवार सुबह वह अपने हिस्ट्रीशीटर दोस्त अमरीश के साथ कार में सवार होकर मवाना पक्का तालाब के समीप अपनी बहन सुरेखा के घर गया था। दोपहर बाद सुरेखा हिस्ट्रीशीटर के साथ कार में मोनू का शव लेकर अपने मायके पहुंची तो स्वजन व ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने मोनू की हत्या की आशंका जताते हुए थाना बहसूमा पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर शाम मृतक के बड़े भाई ने बहन सुरेखा व हिस्ट्रीशीटर अमरीश के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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पुलिस पूछताछ में सुरेखा ने बताया कि उसने मोनू की बीमा पालिसी के 50 लाख रुपये पाने के लिए उसके दोस्त हिस्ट्रीशीटर अमरीश के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या की है। थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि हत्यारोपित सुरेखा व हिस्ट्रीशीटर अमरीश को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
25 लाख रुपये भी कराया था बहन के खाते में जमा
मोनवीर ने कुछ समय पहले अपने हिस्से की चार बीघा जमीन बेची थी। जमीन का 25 लाख रुपया भी उसने बहन सुरेखा के खाते में जमा कराया था। बताया गया है कि मोनवीर को परिवार के ही एक व्यक्ति ने गोद लिया हुआ था। उनकी करीब 12 बीघा जमीन भी उसके नाम ही थी।
चार बहन भाइयों में सबसे छोटा था मोनवीर
मोनवीर चार बहन-भाइयों में सबसे छोटा था। सुरेखा सबसे बड़ी थी। सुरेखा भी मोनवीर को बहुत प्यार करती थी। मोनवीर अपनी तनख्वाह बहन व उसके बच्चों पर खर्च करता था। मगर सुरेखा को पैसों के लालच ने ऐसा अंधा बनाया कि भाई के बीमे के 50 लाख रुपये सहित खाते में जमा 25 लाख रुपये पाने के लिए उसकी हत्या कर दी।