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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    फिलहाल जेल में ही रहेंगे सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ, रिहाई के लिए चला था हाईवोल्टेज ड्रामा, तथ्य छिपाकर किया था जमानत का आवेदन

    Updated: Tue, 09 Jan 2024 09:26 AM (IST)

    पहले जेल गए फिर अग्रिम जमानत मिली और बाद में हुई निरस्त। जेल जाने का तथ्य छिपाकर आरोपित ने किया था अग्रिम जमानत का आवेदन। मुकेश ने कहा कि समाजहित में ...और पढ़ें

    सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ जेल गए, अग्रिम जमानत मिली और फिर निरस्त हुई
    सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ जेल गए, अग्रिम जमानत मिली और फिर निरस्त हुई

    HighLights

    1. फैंटम पर बैठाकर सपा नेता को कोर्ट ले गई पुलिस
    2. भीड़ देखते लगाया पुलिस बल

    जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद सोमवार को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति वित्तीय विकास निगम के उपाध्यक्ष व सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ के जेल जाने पर घटनाक्रम सर्दी में पारे की तरह बदलता रहा।

    एसीजेएम कोर्ट से सुनवाई के बाद रिमांड बनाकर जेल भेज दिया गया। उसके बाद अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक से अग्रिम जमानत मिल गई। अभी तक रिहाई का परवाना जेल नहीं पहुंचा था। तभी डीजीसी क्रिमिनल सर्वेश शर्मा ने सभी तथ्यों को अपर जिला जज के सामने रखा। कहा कि आरोपित ने प्रार्थना पत्र में जेल जाने का तथ्य छिपाया है। तब अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया। अंतत सपा नेता को जेल में रहना ही पड़ा। उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए फैंटम पर बैठाकर पुलिस ले गई थी।

    पुलिसबल लगाया

    कोर्ट परिसर में भीड़ को देखकर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। शनिवार को कलक्ट्रेट में घेराव के दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेन्द्र तोमर को जिंदा जलाने, शहर को फूंकने की धमकी व डीएम-एएससपी व उनके बच्चों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वाले सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ को पुलिस व क्राइम ब्रांच ने रविवार रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। मुकेश के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में गैरजमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

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    लोगों की भीड़ जमा

    सोमवार को सिविल लाइंस पुलिस ने मुकेश सिद्धार्थ का मेडिकल कराया। उसके बाद फैंटम पर बैठाकर कोर्ट में ले गए, जहां पहले से लोगों की भीड़ जमा थी। भीड़ को देखते ही कचहरी में पुलिस बल बढ़ा दिया गया। कोर्ट से 16 जनवरी तक रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया।

    डीसीजी क्रिमिनल सर्वेश शर्मा ने बताया कि आरोपित के अधिवक्ता ने अंतिम जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय जिला जज के यहां डाला हुआ था, जिस पर अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक ने सुनवाई करते हुए 16 जनवरी तक अंतरिम जमानत दे दी। परवाना अभी जेल तक नहीं पहुंचा था। तब डीजीसी क्रिमिनल ने न्यायालय को अवगत कराया कि आरोपित ने तथ्य को छुपाते हुए जमानत प्रार्थना पत्र डाला है, जबकि आरोपित जेल जा चुका है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया।

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    16 जनवरी तक जेल में रहेंगे

    उधर, आरोपित के अधिवक्ता के जमानत का हल्ला मचा दिया, जिस पर लोग मुकेश सिद्धार्थ की रिहाई के लिए जेल परिसर तक पहुंच गए थे। बाद में सबको जेल प्रशासन ने समझा दिया, जिसके बाद वापस लौट गए। एसएसपी रोहित सजवाण ने स्पष्ट कर दिया कि मुकेश सिद्धार्थ की जमानत नहीं हुई है, वह फिलहाल 16 जनवरी तक जेल में रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुकेश सिद्धार्थ पर दर्ज पुराने मुकदमों में भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस मुकदमे में प्रदर्शन की वीडियो को लगाकर चार्जशीट तैयार की जाएगी। ताकि कोर्ट से सजा मिल सकें।

    पुलिस कस्टडी में भी सपा नेता करते रहे टिप्पणी 

    सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ पुलिस कस्टडी में भी टिप्पणी करते रहे। उनका कहना था कि वह गलत नहीं बोले हैं, खुलेआम सड़क पर मारपीट करने वाले ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। समझौते से अपराध खत्म नहीं हो जाता है। उनके कृत्य की भी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है।