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पश्चिम उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं ने नहीं किया काम; हाई कोर्ट बैंच पर CM के बयान से नाराजगी; मेरठ में निकाला जुलूस

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 23 Sep 2026 03:54 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच स्थापना पर दिए बयान पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई ...और पढ़ें

HighLights

  1. सोमवार को मुख्यमंत्री ने कहा था बेंच गठन का अधिकार सुप्रीम कोर्ट का है प्रदेश सरकार का नहीं

  2. हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति का दावा पश्चिम के 22 जनपदों में बंद रहा कार्य

जागरण संवाददाता, मेरठ। पिछले 50 साल से ज्यादा समय से हाई कोर्ट बेंच की पश्चिम उत्तर प्रदेश में स्थापना की मांग कर रहे अधिवक्ताओं को सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में वार्ता के दौरान मायूसी भरा जवाब दिया।

उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा की हाई कोर्ट बेंच की स्थापना करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट का है। इस संबंध में प्रदेश सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री के जवाब से नाराज हाई कोर्ट बैंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति ने बुधवार को पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों में काम नहीं किया।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष और संयोजक ने दावा किया कि सभी 22 जनपदों में आंदोलन किया गया। मेरठ में भी अधिवक्ताओं ने काम नहीं किया। बार पदाधिकारी के नेतृत्व में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

पश्चिम उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज शर्मा और संयोजक परवेज आलम ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाई कोर्ट बेंच को लेकर दो टूक जवाब से अधिवक्ता नाराज है।

बेंच की मांग कर रही इस क्षेत्र की जनता भी इस जवाब से खुद को ठगा महसूस कर रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मेरठ बार एसोसिएशन की आमसभा में बुधवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश के सभी 22 जनपदों में विरोध स्वरूप काम न करने का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत आज मेरठ समेत सभी जनपदों में अधिवक्ता कम से विरत रहे। उन्होंने दावा किया कि सभी जनपदों में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

दोनों पदाधिकारी ने बताया कि आज मेरठ कचहरी में भी मेरठ बार एसोसिएशन के सभी सदस्य काम से विरत रहे। बार के प्रस्ताव के विरुद्ध कोर्ट में जाने का प्रयास करने वाले अधिवक्ताओं को रोकने के लिए भी बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं की टीम नियुक्त की थी।

मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन अनुज शर्मा तथा मेरठ बार के महामंत्री और केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक परवेज आलम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और नारेबाजी करके विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा के जनप्रतिनिधियों का कचहरी में प्रवेश प्रतिबंधित किया

मंगलवार को आम सभा में लिए गए निर्णय के मुताबिक बुधवार सुबह ही कचहरी के सभी प्रवेश द्वार और प्रमुख स्थानों पर भाजपा जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारी का कचहरी में प्रवेश प्रतिबंधित होने के नारे लिखे बैनर पोस्टर लगा दिए गए। इसके साथ ही बेंच नहीं तो वोट नहीं के नारे भी बैनर पर लिखे गए हैं । वाहनों पर इस नारे के स्टीकर चिपकाकर विरोध जताया गया है।

जिला बार एसोसिएशन ने नहीं दिया विरोध में साथ

मेरठ की दूसरी प्रमुख बार जिला बार एसोसिएशन ने मेरठ बार एसोसिएशन द्वारा घोषित किए गए विरोध प्रदर्शन और काम न करने की घोषणा का समर्थन न करने का निर्णय लिया।

जिला बार अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह और महामंत्री प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को ही शाम के समय जिला बार की प्रबंध समिति , सभी पूर्व अध्यक्ष और पूर्व महामंत्री तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बैठक की गई थी।

जिसमें निर्णय लिया गया कि मेरठ बार एसोसिएशन के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री के बयान को अपनी आमसभा में अपने मुताबिक प्रस्तुत करके विरोध प्रस्ताव पारित किया है। जिसे मानने के लिए जिला बार बाध्य नहीं है।

दोनों पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की बुधवार को काम नहीं करने का निर्णय मेरठ बार एसोसिएशन ने लिया है जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केंद्रीय संघर्ष समिति द्वारा लिए गए निर्णय लागू होते हैं।

लिहाजा मेरठ बार एसोसिएशन के आह्वान पर जिला बार काम बंद नहीं करेगी। दोनों पदाधिकारी ने बताया कि जिला बार के सदस्य अधिवक्ताओं ने बुधवार को सामान्य रूप से कामकाज किया।