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योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में बढ़ा मेरठ का कद, डा.सोमेंद्र तोमर बने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार

By Sanjeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 10 May 2026 01:40 PM (IST)

योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चाओं के बीच मेरठ का दबदबा बढ़ गयाहै। डॉ. सोमेंद्र तोमर को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार ...और पढ़ें

गृहमंत्री अमित शाह के साथ सोमेंद्र तोमर। जागरण आर्काइव

गृहमंत्री अमित शाह के साथ सोमेंद्र तोमर। जागरण आर्काइव

जागरण संवाददाता, मेरठ। रविवार को हुए योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार में मेरठ का कद बढ़ गया है। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा राज्यमंत्री डा.सोमेंद्र तोमर की प्रोन्नति हो गई है। उन्हें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। दरअसल, बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद उप्र के आगामी विधानसभा चुनाव में दावेदारों के चेहरे पर उम्मीदों की चमक खिल गई थी। अलग-अलग समीकरणों को हल करते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यमंत्री की प्रोन्नति और नए चेहरे को शामिल करने को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज थीं। अंतत डा. सोमेंद्र तोमर की प्रोन्नति के साथ ही योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में मेरठ का कद बढ़ गया।

जातिगत जटिलता व उलझे समीकरणों के साथ मेरठ को पश्चिम उप्र की राजनीतिक राजधानी कहा जाता है। यही जटिलता उसकी भागीदारी के लिए उपयोगी होते रहे हैं। 2022 में मेरंठ से डा. सोमेंद्र तोमर व दिनेश खटीक को राज्यमंत्री बनाया गया। इस बार गुर्जर समाज की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हो रही थी। हाल ही में सपा ने भी गुर्जर समाज में अपनी पकड़ बनाने के लिए दादरी में सम्मेलन किया। प्रतिमा राजनीति व सम्राट मिहिर भोज संबंधित विवाद के बहाने सपा ने गुर्जर समाज को भाजपा से दूर करने की भी रणनीति बनाई थी। इन परिस्थितियों में डा. सोमेंद्र तोमर को प्रोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं पिछले एक अर्से से थीं।

विवि कैंपस से प्रदेश में पहले मंत्री बने डा सोमेंद्र तोमर
छात्र राजनीति से निकलकर मेरठ दक्षिण सीट से दूसरी बार विधानसभा पहुंचे डा. सोमेंद्र तोमर को पहली बार राज्यमंत्री बनाया गया है। डा.सोमेंद्र पहले ऐसे छात्र नेता हैं जो छात्रसंघ से निकलकर मुख्य धारा की राजनीति में शीर्ष तक पहुंचे हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस से इससे पहले डॉ. शिवाकांत ओझा बसपा सरकार कैबिनेट में मंत्री बने थे, लेकिन वह ना तो कैंपस की छात्र राजनीति में सक्रिय थे और ना ही मेरठ के रहने वाले। डॉ.ओझा कैंपस के केवल छात्र थे। डा.सोमेंद्र 1998-2004 तक एबीवीपी में रहे।

1998 में एबीवीपी के विवि मंत्री और 2004 में एबीवीपी पैनल से छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। 2004 में भाजयुमो के प्रदेश संयोजक रहे। 2012 में पहली बार सोमेंद्र तोमर को भाजपा ने टिकट दिया, लेकिन फिर बदल दिया गया। 2017 में उन्हें टिकट मिला और बड़ी जीत दर्ज की थी। 2022 चुनाव में कड़े मुकाबले में उन्होंने गठबंधन प्रत्याशी आदिल चौधरी को हराया। इसी जीत का उन्हें राज्यमंत्री के तौर पर इनाम मिला है। बागपत के खैली गाव निवासी सोमेंद्र मेरठ के शास्त्रीनगर में रहते हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह तोमर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। सोमेंद्र की एक पुत्री और दो पुत्र हैं। सोमेंद्र दो भाई, चार बहनें हैं।

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