यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mirzapur News: नगर पालिका की अनूठी पहल, कचरे को बदला कला में; कोलकाता की तरह ही बनाया गया 'टायर' पार्क
मीरजापुर में स्थित महावीर पार्क में बेकार टायर और उसके खराब हिस्सों से कलाकृतियां बनाकर सजा दी गई है जो लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। यही नहीं बेकार ...और पढ़ें

मिलन गुप्ता, मीरजापुर। अभी तक आपने कोलकाता के पार्क को ही देश के पहले टायर पार्क के नाम से सुना होगा लेकिन मीरजापुर में भी अब एक ऐसा पार्क हो गया है जहां बेकार टायर को कलाकृति रूप देकर सजा दिया गया है।
नगर पालिका की ओर से एक अनूठी पहल की गई है जिसमें कचरे को कला में परिवर्तित किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि कुछ भी बेकार नहीं होता, जब तक कि उसे कोई आकर्षक आकार न दे दिया जाए।
बेकार टायर से बनाई जा रही कलाकृतियां
बात हो रही है महावीर पार्क की। नगर में स्थित महावीर पार्क में बेकार टायर और उसके खराब हिस्सों से कलाकृतियां बनाकर सजा दी गई है जो लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। यही नहीं, बेकार टायर से एक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है और उस पर एक जून को मतदान के लिए संदेश भी दिया गया है ताकि मतदान करने के बाद पार्क में टहलने आए लाेग सेल्फी ले सकें।
इनमें स्क्रैप और बेकार टायरों को मिलाकर सुसज्जित कलाकृतियों से बेहतर संदेश दिया गया है। ऐसे में अब यह प्रबल होता जा रहा है कि बेकार चीजों को कलाकृतियों में बदलने से न केवल निपटान की समस्या का समाधान होगा, बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
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कचरे से देख सकेंगे दुनिया के 7 अजूबे
दिल्ली की बात करें तो वहां भी एक ऐसा पार्क भी है जहां कचरे से दुनिया के 7 अजूबे आपको देखने को मिल जाएंगे। हालांकि मीरजापुर इस तरह के प्रयोग से अब तक अछूता था लेकिन नगर पालिका की वजह से अब मीरजापुर भी इसमें शामिल हो गया है। यह टायर पार्क न सिर्फ आगंतुकों को एक बार फिर से रोमांचित करेगा बल्कि कचरे को कला में बदलने के लिए दूसरे को भी प्रेरित करेगा।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी लाल कहते हैं कि किसी भी रद्दी सामान को कचरा नहीं कहा जा सकता, ऐसा इसलिए क्योंकि उसे दोबारा इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यदि उसमें कला का रूप दे दिया जाए तो और भी आकर्षित करने वाला होगा।
'टायर' पार्क के नाम से जाना जाएगा पार्क
बसों या अन्य वाहनों में इस्तेमाल से हटाए गए टायरों पर दोबारा काम किया गया, इसका नतीजा यह रहा कि अब पार्क को टायर पार्क के नाम से जाना जाएगा। इसमें एक जून को मतदान करने के संदेश से लेकर सेल्फी प्वाइंट लोगों को आकर्षित करेंगे। इस तरह का पहला प्रयोग जनपद में किया गया है।