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मीरजापुर में ददरी बांध के 11 फाटक खोलकर तीन फीट पानी छोड़ा गया, गांवों को हाई अलर्ट पर किया गया

By Rakesh Kumar Tiwari Edited By: Abhishek sharma
Updated: Tue, 18 Aug 2026 06:19 PM (IST)

मीरजापुर में ददरी बांध के 11 फाटक खोलने से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे बेलन नदी उफान पर है और आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। व ...और पढ़ें

HighLights

  1. ददरी बांध से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

  2. बेलन नदी उफान पर, मीरजापुर-प्रयागराज के गांव अलर्ट पर।

  3. राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन फीट पानी, आवागमन प्रभावित।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। ददरी बांध के 11 फाटक खोलकर 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। इसका प्रभाव बेलन नदी से जुड़े मीरजापुर और प्रयागराज क्षेत्र के गांवों के साथ ही बेलन और टोंस नदी के संपर्क वाले क्षेत्रों में भी पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है।

सिरसी बांध प्रखंड के अधिशासी अभियंता रामशंकर राजपूत ने बताया कि ददरी स्थित मेजा बांध से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने और बेलन नदी के उफान पर आने के कारण आसपास के नदी किनारे वाले गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को नदी के करीब न जाने की सख्त चेतावनी दी है। बेलन नदी का यह पानी आगे चलकर टोंस नदी और फिर प्रयागराज के सिरसा में गंगा नदी में मिलता है।

नदी के तटीय इलाकों और रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। सुरक्षा निर्देशों में कहा गया है कि नदी के बहाव क्षेत्र या रपटे/पुलों को पार करने की कोशिश न करें। मवेशियों को नदी के निचले हिस्सों या पाटन में न ले जाने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन या लेखपाल के संपर्क में रहने की अपील की गई है।

इस बाढ़ की स्थिति से प्रभावित गांवों में प्रशासन ने राहत कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में संयम बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

बाढ़ के खतरे को देखते हुए, जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक उपाय किए हैं ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत सामग्री की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों ताकि बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके। मीरजापुर में ददरी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

बढ़ गई दुश्‍वारी

क्षेत्र में वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश के कारण तीन फीट तक पानी का धारा बहने लगा। अतरैला टोल प्लाजा के पास हुए इस जलभराव से मंगलवार को छोटे वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। पैदल राहगीरों, साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा से लगभग 200 मीटर दक्षिण तक पानी का तेज बहाव देखा गया।

इस दौरान, बड़े वाहन तो किसी तरह निकल रहे थे, लेकिन छोटे वाहनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जलभराव के कारण हाईवे पर बड़ी संख्या में मछलियां भी बहकर आ गईं, जिन्हें ग्रामीण सुबह से पकड़ते रहे। कुछ बच्चे भी सड़क पर बह रहे पानी में मछली पकड़ते दिखाई दिए। स्थानीय दुकानदारों को भी जलभराव से नुकसान हुआ है। दुकानदार श्याम नारायण मिश्रा ने बताया कि उनकी दुकान के सामने रखा लगभग दो-तिहाई बालू पानी के तेज बहाव में बह गया। कबाड़ कारोबारी महेंद्र गुप्ता ने भी अपनी दुकान के सामने रखा छोटा-मोटा कबाड़ बह जाने की जानकारी दी।

ग्रामीणों में रमेश, राधेश्याम, माधव और आद्या प्रसाद प्रजापति ने जलभराव के कारण जल निकासी व्यवस्था में खामी बताया। उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माण से पहले कई स्थानों पर जल निकासी के लिए पुलिया थीं, जिनमें साइड की सड़कों पर भी एक या दो पुलिया शामिल थीं। हाईवे के निर्माण के दौरान इन जल निकासी मार्गों को समाप्त कर दिया गया, जिससे अब बारिश के पानी के निकास की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।