मीरजापुर बस स्टेशन बनेगा अत्याधुनिक ट्रांजिट हब, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
मीरजापुर बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।

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HighLights
मीरजापुर बस स्टेशन आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा।
पीपीपी मॉडल पर विकास को सैद्धांतिक मंजूरी मिली।
ई-बस चार्जिंग, होटल, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। आने वाले वर्षों में मीरजापुर रोडवेज पहुंचने वाले यात्रियों को बस अड्डे पर वह पुराना दृश्य नहीं दिखेगा, जिसमें बसों की भीड़, अव्यवस्थित पार्किंग और सीमित यात्री सुविधाएं नजर आती हैं।
शहर का बस स्टेशन अब आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होने की दिशा में बढ़ रहा है। पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने वाले मीरजापुर बस स्टेशन एवं कामर्शियल कांप्लेक्स के कंसेप्ट प्लान को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ी है।
डिपो प्रभारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रस्तावित योजना में बस टर्मिनल को व्यावसायिक विकास के साथ जोड़ा गया है। यानी यात्रियों को बस पकड़ने के लिए आने के साथ ही एक आधुनिक परिसर की सुविधाएं भी मिलेंगी।
कंसेप्ट प्लान में बस टर्मिनल के अलावा कामर्शियल कांप्लेक्स, होटल और प्रशासनिक कार्यालयों की व्यवस्था प्रस्तावित है। ऊपरी हिस्से में होटल विकसित करने की योजना से बस स्टेशन को शहर के एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी नई पहचान मिल सकती है।
18 बस वे और 18 बसों के ठहराव की व्यवस्था
प्रस्तावित बस टर्मिनल में 18 बस वे और 18 बसों के ठहराव की व्यवस्था की जाएगी। इससे बसों के आने-जाने और खड़े होने की व्यवस्था अलग-अलग तरीके से करने में मदद मिलेगी। यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए अलग पैदल क्षेत्र, प्रवेश और निकास की व्यवस्था तथा पार्किंग की योजना बनाई गई है।
ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन
भविष्य की परिवहन व्यवस्था को देखते हुए परियोजना में ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी प्रस्तावित है। इससे मीरजापुर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ने पर बस स्टेशन को आधुनिक परिवहन जरूरतों के अनुरूप तैयार रखने में मदद मिलेगी।
सड़क से लेकर बस तक आसान होगी पहुंच
कंसेप्ट प्लान में बसों की आवाजाही और निजी वाहनों की पार्किंग को अलग रखने पर जोर दिया गया है। इससे टर्मिनल के भीतर अनावश्यक जाम और वाहनों के टकराव की संभावना कम होगी। यात्रियों के लिए पैदल पहुंच, बसों के लिए अलग संचालन क्षेत्र और पार्किंग की व्यवस्था परिसर को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
व्यवसाय के साथ रोजगार की भी उम्मीद
बस स्टेशन के साथ प्रस्तावित कामर्शियल कांप्लेक्स और होटल से भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। परियोजना पूरी होने के बाद बस स्टेशन केवल बसों के ठहराव की जगह न रहकर शहर के आर्थिक गतिविधियों वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है।
कंसेप्ट प्लान को मिली सैद्धांतिक मंजूरी
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (पीपीपी) यजुवेंद्र कुमार की ओर से 31 जुलाई 2026 को वेल्टिक्स मीरजापुर बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड को भेजे पत्र में बताया गया है कि पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने वाले बस स्टेशन एवं कामर्शियल कांप्लेक्स का संशोधित कंसेप्ट प्लान निगम के मानकों के अनुरूप प्रस्तुत किया गया था।
इसके बाद कंसेप्ट प्लान को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया गया है। अब अनुमोदित प्लान के अनुसार विस्तृत प्लान और इंजीनियरिंग ड्राइंग तैयार कर निगम को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका परीक्षण स्वतंत्र इंजीनियर द्वारा किया जाएगा।
भविष्य के मीरजापुर की नई तस्वीर
डिपो प्रभारी ने बताया कि यह परियोजना आकार लेने के बाद परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है। एयरपोर्ट जैसे आधुनिक यात्री अनुभव की तर्ज पर व्यवस्थित प्रवेश-निकास, पार्किंग, व्यावसायिक सुविधाएं और भविष्य के ई-परिवहन को एक ही परिसर में समेटने की योजना शहर के बस अड्डे को नई पहचान दे सकती है।
