मीरजापुर में बेसहारा पशुओं को वर्ष भर मिलेगा हरा चारा, नेपियर घास की खेती के लिए हुआ किसानों का चयन
मीरजापुर में बेसहारा पशुओं को साल भर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए नेपियर घास की खेती को बढ़ावा दिया ...और पढ़ें

बेसहारा पशुओं को वर्ष भर मिलेगा हरा चारा।
HighLights
बेसहारा पशुओं को वर्ष भर पौष्टिक हरा चारा मिलेगा।
नेपियर घास की खेती के लिए 15 किसानों का चयन।
48 गोआश्रय स्थलों के 14,850 पशुओं को लाभ होगा।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। गोआश्रय स्थल में रखे गए बेसहारा पशुओं को हरा चारा मिलेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश चारा विकास नीति के तहत किसानों को हरे चारे नेपियर की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नेपियर घास की खेती के लिए 15 किसानों का चयन पशुपालन विभाग द्वारा किया गया है।
योजना के माध्यम से बेसहारा पशुओं को वर्ष भर पौष्टिक व हरा चारा मिल सकेगा। चयनित किसान को छह हजार नेपियर रुट्स उपलब्ध कराया जाएगा। जनपद के 48 गोआश्रय स्थलों में रखे गए 14850 पशु लाभांवित होंगे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि किसान इनका रोपण लगभग 0.2 हेक्टेयर भूमि में किया जाएगा। नेपियर घास की खासियत यह है कि एक बार रोपण के बाद लगभग पांच वर्ष या उससे अधिक समय तक हरे चारे का उत्पादन करती है। हर वर्ष दोबारा रोपण करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पशुपालन विभाग की ओर से घनश्याम खरहरा संडवा, जवाहर लाल परवा राजधर भटौली, मधुबाला करजी घनश्यामपुर, अमित विक्रम सिंह पचोखरा खुर्द पटेहरा, राम किशुन पाल चांदलेवा पड़री, मनकेश्वर सिंह शोभी जमुई, धनंजय मिश्र रामपुर, सूर्य प्रकाश सिंह सेमरा बरहो, चंद्र प्रकाश सिंह सेमरा बरहो, श्रवण कुमार शेरवा पटेहरा, अरविंद सिंह बघौड़ा, सुनील कुमार पटेल गढ़वा, ओम प्रकाश पटेल गढ़वा, गोपाल सिंह व आशुतोष सिंह गढ़वा का चयन ऑनलाइन किया गया।
गोशालाओं में बेसहारा पशुओं को हरा चारा उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश चारा विकास नीति के तहत नेपियर घास की खेती कराई जाती है। जनपद में 15 चयनित व्यक्ति द्वारा नेपियर घास की खेती कराई जाएगी। -डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
