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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Anuj Chaudhary Murder Case: भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्‍या का आरोपी ग‍िरफ्तार, एक लाख का था इनामी

    Updated: Thu, 28 Nov 2024 11:54 AM (IST)

    नया मुरादाबाद के पार्श्वनाथ सोसायटी में बीते साल भाजपा नेता अनुज चौधरी की सरेशाम हत्या का आरोपी एक लाख का इनामी सतेंद्र गिरफ्तार कर लिया गया। बीते साल ...और पढ़ें

    एसटीएफ द्वारा सहारनपुर में पकड़ा गया हत्यारोपी विकास सिंह। सौ. एसटीएफ
    एसटीएफ द्वारा सहारनपुर में पकड़ा गया हत्यारोपी विकास सिंह। सौ. एसटीएफ

    HighLights

    1. 19 नवंबर को एडीजी ने आरोपी पर इनामी राशि बढ़ाकर की थी एक लाख
    2. सहारनपुर में भाई के घर से एक किमी दूर किराये के कमरे में बनाया था ठिकाना

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। भाजपा ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी अनुज चौधरी की दिनदहाड़े हत्या को अंजाम देने वाले आरोपी विकास सिंह धामा को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। 10 अगस्त को हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गया था।

    पंजाब, हरियाणा व सहारनपुर में फरारी काटी। किसी को भनक ना लगने पर भाई के घर से एक किलोमीटर दूर ही किराये पर कमरा ले लिया और रहने लगा। इस बीच एसटीएफ को इनपुट हाथ लग गए और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

    यह है पूरा मामला

    नया मुरादाबाद के पार्श्वनाथ सोसायटी में बीते साल 10 अगस्त 2023 को भाजपा नेता अनुज चौधरी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। हत्या की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी बिजनौर अफजलगढ़ के नवाबपुरा का विकास सिंह धामा फरार हो गया था।

    भाजपा नेता अनुज चौधरी की उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह घर के बाहर टहल रहे थे। पहली गोली लगते ही साथ में मौजूद पुनीत चौधरी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो हमलावर ने उसे दूर रहने की धमकी दी थी। इसके बाद आरोपी ने अनुज चौधरी के सिर पर दो गोली मार दी थीं।

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    हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद और राजनीतिक रंजिश बताई गई थी। पुलिस ने दो आरोपीों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीसरा आरोपी विकास सिंह धामा फरार था। काफी तलाश के बाद भी जब आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। तब उस पर एसएसपी ने 25 हजार का इनाम किया।

    कुछ समय बाद डीआईजी ने इनामी राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी। बावजूद सुराग ना लगने पर एडीजी ने 19 नवंबर को एक लाख इनाम कर दिया। इस बीच एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी सहारनपुर में छिपा है।

    तय इनपुट पर बरेली एसटीएफ की टीम ने आरोपी को सहारनपुर के सदरबाजार दिल्ली रोड स्थित शिव बिहार से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध बिजनौर के अफजलगढ़ थाने में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, प्रयोग करने व षडयंत्र रचने की धारा में भी प्राथमिकी लिखी हुई है। मझोला इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में उसने प्रापर्टी की रंजिश की बात बताई है।

    शराब कंपनी में काम करता है आरोपी का भाई

    मझोला पुलिस के अनुसार, आरोपी विकास सिंह धामा का भाई एक शराब कंपनी में काम करता है। किसी को भनक ना लगे, इसलिए घर पर शरण ना देकर उसने विकास को किराये का कमरा दिलाया। यह भी पता चला कि विकास फोन का इस्तेमाल नहीं करता था जिससे पुलिस काे कोई इनुपट ना मिले। लंबे समय तक ना पकड़े जाने पर वह निर्भीक हो गया था। रात में खाना खाने के बाद रोजाना टहलने निकलता। यही उसकी कमजोरी निकली और सटीक रेकी से वह धर लिया गया।