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दीपावली ऑफर के चक्कर में खाली हो सकता है बैंक खाता! मुरादाबाद में अब तक 73 करोड़ की ठगी के बाद अलर्ट जारी

Published: Wed, 04 Nov 2026 07:50 PM (IST)

दीपावली पर साइबर ठग कैशबैक और शापिंग वाउचर के नाम पर वाट्सएप पर संदिग्ध लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कैशबैक और शापिंग वाउचर का लालच देकर वाट्सएप पर भेजे जा रहे संदिग्ध लिंक

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। दीपावली पर कैशबैक, मुफ्त शापिंग वाउचर और आकर्षक आफर का लालच लोगों की मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है। साइबर ठग त्योहार के मौके पर लोगों को निशाना बनाने के लिए वाट्सएप और मोबाइल पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाते से रकम उड़ने का खतरा है।

मुरादाबाद में साइबर अपराध का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पिछले पांच साल में साइबर ठग जिले के लोगों से करीब 73 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। साइबर थाने में ठगी की 162 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं।

हालांकि पुलिस की कार्रवाई से करीब 23 करोड़ रुपये पीड़ित को वापस भी कराए गए हैं। पिछले कई दिनों से दीपावली आफर के नाम पर संदिग्ध मैसेज मिलने की 50 से अधिक शिकायतें साइबर सेल और साइबर थाने तक पहुंच चुकी हैं।

त्योहारों में बाजारों के साथ आनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान का चलन बढ़ जाता है। साइबर ठग इसी का फायदा उठाने में जुटे हैं। लोगों के वाट्सएप पर अलग-अलग नंबरों से दिवाली कैशबैक, मुफ्त शापिंग वाउचर, विशेष छूट और इनाम जीतने के संदेश भेजे जा रहे हैं।

इनमें आकर्षक आफर का दावा करते हुए एक लिंक दिया जाता है। कुछ मैसेज में आफर खत्म होने का समय बताकर तत्काल लिंक खोलने का दबाव बनाया जाता है। जल्दबाजी में लोग बिना जांच-पड़ताल किए लिंक पर क्लिक कर देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

साइबर एक्सपर्ट प्रशांत सिंह के मुताबिक, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद व्यक्ति को फर्जी वेबसाइट पर पहुंचा दिया जाता है। यहां नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी मांगा जाता है।

कई बार लिंक के जरिये मोबाइल में खतरनाक एप भी डाउनलोड करा दिया जाता है। इसके बाद साइबर अपराधी खाते से रकम निकालने या डिजिटल भुगतान करने में सफल हो जाते हैं।

अनजान लिंक पर न करें क्लिक

साइबर थाना प्रभारी विवेक शर्मा ने बताया कि अनजान नंबर से आने वाले कैशबैक और इनाम के संदेशों पर भरोसा न करें। बैंक कभी भी फोन या मैसेज के माध्यम से ओटीपी, पिन और पासवर्ड नहीं मांगते हैं। इसलिए किसी के साथ गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक से एप डाउनलोड करने से बचें।

ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत

साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है।

इसके साथ ही संबंधित बैंक को सूचना देकर खाते से होने वाले संदिग्ध लेनदेन को रुकवाने का प्रयास करें। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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