तेंदुए के जबड़े में थी किसान की गर्दन... मुरादाबाद में चाचा-भाई ने दरांती से यूं बचाई जान, रोंगटे खड़े कर देगी घटना
मुरादाबाद के मलकपुर सेमली गांव में एक तेंदुए ने किसान पुष्पेंद्र पर हमला कर उनकी गर्दन दबोच ली। चाचा और भाई ने दरांती से भिड़कर साहस दिखाते हुए पुष्पेंद्र को तेंदुए के जबड़े से छुड़ाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रतीकात्मक इमेज
HighLights
महिला को शिकार बनाने वाले गांव लालापुर पीपलसाना में एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। रामगंगा नदी के खादर क्षेत्र में मंगलवार को तेंदुए के हमले की एक और खौफनाक घटना सामने आई। मलकपुर सेमली गांव में गन्ने के खेत में खाद बिखेर रहे किसान पुष्पेंद्र पर घात लगाए बैठे तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ पुष्पेंद्र की गर्दन जबड़े में दबोचकर खींचकर ले जाने लगा।
शोर सुनकर पास में ही काम कर रहे चाचा गेंदा सिंह और छोटा भाई बिट्टू दरांती लेकर तेंदुए से भिड़ गए। दोनों के साहस के आगे तेंदुआ पुष्पेंद्र को छोड़कर भाग गया। गंभीर घायल पुष्पेंद्र जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
बुधवार को इसी गांव के बाबू पर तेंदुआ खेत में काम करते समय हमला कर चुका है। तेंदुए ने इससे पहले महेंद्र सिंह के आठ वर्षीय बेटे आयुष पर और सिद्दीक के बेटी के पुत्र शुएब पर भी हमला किया था।
पुष्पेंद्र कुमार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे रामगंगा किनारे अपने गन्ने के खेत में खाद बिखेरने गए थे। साथ में भाई बिट्टू और चाचा गेंदा सिंह भी थे। पुष्पेंद्र खेत में खाद डाल रहे थे, जबकि चाचा और भाई मेंढ़ पर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे।
इसी दौरान तेंदुए ने पुष्पेंद्र पर झपट्टा मार दिया। पुष्पेंद्र जमीन पर गिर गए और तेंदुए ने उनकी गर्दन दबोची और खींकर ले जाने लगा। पुष्पेंद्र की चीख सुनकर गेंदा सिंह और बिट्टू दौड़ पड़े। दोनों ने दरांती लेकर शोर मचाया और तेंदुए का सामना किया।
अचानक विरोध होने पर तेंदुआ पुष्पेंद्र को छोड़कर भाग गया। चाचा और भाई घायल पुष्पेंद्र को खेत से बाहर लेकर आए। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ आसपास तलाश शुरू की लेकिन, तेंदुआ नहीं दिखा।
स्वजन के अनुसार, पुष्पेंद्र की गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म हैं। उधर, तेंदुओं के आतंक के बीच लालापुर पीपलसाना गांव में मंगलवार को एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।
वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आने के बाद इस गांव में पीपल के पेड़ के आसपास पिंजरा लगाया था। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से पिंजरे को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। उसे डियर पार्क में रखा गया है।
डीएफओ डाॅ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ संतोष देवी की मौत के मामले से संबंधित हो सकता है। क्षेत्र में तेंदुओं की तलाश और निगरानी अभियान जारी है।
