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    सिर पर मुस्लिम टोपी और बड़ी दाढ़ी, नाम भी रख लिया ‘सुल्तान’, 21 साल बाद यक्ष एप से खुली नरेश पहचान

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 02:13 PM (GMT+05:30)

    बामुरादाद के पाकबड़ा का हिस्ट्रीशीटर नरेश 21 साल से पुलिस से बचकर संभल में 'सुल्तान' बनकर रह रहा था। वह मुस्लिम पहचान अपनाकर मस्जिद भी जाता था। ...और पढ़ें

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

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    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद/पाकबड़ा। 21 साल पहले पुलिस से बचने के लिए संभल पहुंचा हिस्ट्रीशीटर नरेश सुल्तान बन गया। मुस्लिमों के बीच एक कमरे में किराये पर रहकर मेहनत मजदूरी करनी शुरू कर दी। मुस्लिम समाज के लोगों के साथ मस्जिद भी जाता था।

    अब पाकबड़ा पुलिस ने 21 साल पहला फोटो यक्ष ऐप पर अपलोड किया था नखासा पुलिस ने पहचान लिया। जानकारी के बाद पाकबड़ा पुलिस इसकी तलाश में लग गई। शनिवार को पुलिस ने उसे डींगरपुर मार्ग से गिरफ्तार कर लिया।

    एक साल से संभल सुल्तान बनकर रहा था नरेश, जाता था मस्जिद

    पुलिस के अनुसार नरेश निवासी गांव हाशमपुर गोपाल पाकबड़ा का हिस्ट्रीशीटर है। वह करीब 21 साल पहले अपने गांव से फरार हो गया था और तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। कुछ दिनों पहले यक्ष ऐप पर हिस्ट्रीशीटर नरेश का फोटो अपलोड कर दिया।

    उधर संभल की नखासा पुलिस ने भी नरेश का फोटो यक्ष ऐप पर अपलोड कर दिया। नाम भले ही अलग था, लेकिन फोटो एक हाेने के चलते आरोपित पकड़ में आ गया। नखासा पुलिस ने इस मामले की जानकारी पाकबड़ा पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।

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    यक्ष ऐप पर किया फोटो अपलोड तो नखासा पुलिस ने लिया पहचान

    शनिवार को आरोपित डींगरपुर रोड पर था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपित को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को सुल्तान पुत्र जमालुद्दीन निवासी संभल बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम नरेश स्वीकार कर लिया।

    सभी दस्तावेज फर्जी नाम और पते से बनाए गए

    तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से दो फर्जी आधार कार्ड, तीन वोटर आडी, एक पैन कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, प्रथमा बैंक का स्मार्ट कार्ड और एक लेटर हेड बरामद हुआ। ये सभी दस्तावेज फर्जी नाम और पते पर बनाए गए थे, जिनके सहारे वह वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पूछताछ में नरेश ने बताया कि उस पर लूट और डकैती के कई मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले कई साल जेल में भी रह चुका है।

    ई पहचान बनाकर संभल में रहने लगा आरोपित

    पुलिस की लगातार निगरानी से परेशान होकर उसने अपना घर-परिवार छोड़ दिया और नई पहचान बनाकर संभल में रहने लगा। आरोपित के खिलाफ पाकबड़ा, मैनाठेर, ठाकुरद्वारा और अमरोहा के डिडौली में नौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया।

    एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली है। आरोपित 21 साल से फरार था। जिसे यक्ष ऐप के माध्यम से उसे गिरफ्तार कर लिया।

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