फाइलों में दबा मुरादाबाद के 22 हजार बच्चों का भविष्य: जनवरी से अटका प्रस्ताव, चटाई पर बैठकर पढ़ने को मजबूर छात्र
मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा विद्यालयों में 22,000 से अधिक विद्यार्थी फर्नीचर न होने के कारण जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने ...और पढ़ें

प्राथमिक विद्यालय रहमतनगर में पर्याप्त बेंच न होने के कारण जमीन पर बैठकर पढ़ते बच्चे।जागरण
HighLights
जनवरी से शासन में लंबित है प्रस्ताव, शहर में भी जमीन पर बैठ रहे विद्यार्थी
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाने से जमीन पर बैठना उनकी मजबूरी बनी हुई है। नगर क्षेत्र में विभाग के 64 विद्यालय हैं, जिनमें लगभग 22 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इनमें से 14 विद्यालय अपने भवन जर्जर होने के कारण दूसरे विद्यालयाें में संचालित हैं।
इनमें पढ़ने वाले सात हजार से अधिक विद्यार्थी अपर्याप्त सुविधाओं में अध्ययन करने को मजबूर हैं। बुधवार को जब दैनिक जागरण टीम ने नगर क्षेत्र के विद्यालयों में व्यवस्थाओं की पड़ताल की तो कहीं फर्नीचर तो कहीं बिजली आदि की सुविधाएं नहीं मिली।
प्राथमिक विद्यालय रहमत नगर
विद्यालय में 202 बच्चे पढ़ते हैं, कक्षों की संख्या पांच है लेकिन, दो कक्ष पुराने जर्जर भवन में होने के कारण वर्तमान बच्चों को दो ही कक्षाओं में बैठाया जाता है। वहीं एक में रीडिंग कार्नर और कार्यालय आदि की व्यवस्था की है। यहां विद्यार्थियों के बैठने के लिए मात्र 37 बैंच हैं।
ऐसे में कक्षा चार और पांच के विद्यार्थी बैंच में और बाकी चटाई पर बैठाकर पहली दूसरी और तीसरी कक्षाओं का संचालन हाे है। इंचार्ज अध्यापक उजमा अकील ने बताया कि विभाग को प्रस्ताव दिया गया है। फिलहाल बच्चों को जमीन पर बैठने की मजबूरी है।
प्राथमिक विद्यालय कटरापूरन जाट
विद्यालय में 54 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनके बैठने के लिए बैंच और टेबल की सुविधा रोटरी क्लब की ओर से की गई है। विद्यालय भवन में दीवाराें का प्लास्टर उखड़ रहा है।
सोलर लाइट आदि की व्यवस्था नहीं होने से कक्षा में विद्यार्थी और शिक्षक बिजली जाने के बाद अंधेरे में बैठने को मजबूर हैं। वहीं डिजिटल बोर्ड आदि भी इंटरनेट सुविधा नहीं होने से प्रभावित है।
विद्यालय की इंचार्ज अध्यापक सुषमा ने बताया कि बिजली और फर्नीचर की सुविधा के बारे में विभाग को सूचित किया गया है। इसके लिए प्रस्ताव भी गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय गिन्दोड़ा
विद्यालय में 67 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। उनके बैठने के लिए बैंच आदि की सुविधा तो है लेकिन भवन की छत से प्लास्टर निकल रहा है ऐसे में विद्यार्थियों के लिए वहां बैठना खतरनाक बना हुआ है।
विद्यालय की शिक्षक ज्योति शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रधान संपर्क कर इसे ठीक कराने की मांग करने के साथ ही विभाग को भी सूचना दी गई है।
चार विद्यालय एक परिसर में सुविधाएं भी अपर्याप्त
कटघर में एक ही परिसर सुभद्रा देवी में चार विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इसमें कठघर पूर्वी बालक, कटघर पश्चिम बालक, कटघर पश्चिम बालिका और प्राथमिक विद्यालय गाड़ीखाना संचालित हो रहा है।
विद्यालय में 250 बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की सुविधा नहीं है। मामले बीईओ वेगीश गोयल का कहना है कि विद्यालयों के पुराने भवनों में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। ऐसे में यहां के लिए फर्नीचर की डिमांड भेजी गई है
जनवरी में भेजी डिमांड, मंजूरी का इंतजार
जिले के 102 परिषदीय विद्यालयों में 26,751 बच्चों के बैठने के लिए 8,917 तीन सीटर डेस्क-बेंच की जरुरत है। फर्नीचर के लिए शिक्षा विभाग ने जनवरी 2026 में शासन को प्रस्ताव भेजा था।
मगर, अब तक मंजूरी नहीं मिली है। कक्षा एक से दो तक के लिए 3,214 और कक्षा तीन से पांच तक के लिए 5,703 डेस्क-बेंच मांगी गई हैं। स्वीकृति नहीं मिलने से बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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