तरी-तरी खा लो, मजा आ जाएगा... मुरादाबाद में हिंदू छात्रा के साथ सहेलियों ने की ऐसी हरकत, भाई के खुलासे से मचा हड़कंप
मुरादाबाद में एक हिंदू छात्रा के भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी मुस्लिम सहेलियों ने उसे मतांतरण और 'लव जिहाद' के जाल में फंसाने की कोशिश की। भाई के अनुस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
भगवान की कृपा से समय से पता चल गया, मतांतरण कराकर लव जिहाद की थी योजना
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मेरी बहन की किस्मत ठीक थी…, भगवान ने उसे बचा लिया। अगर कुछ दिन और बीत जाते, तो मेरी बहन आज किस हालत में होती, कोई नहीं जानता। उस पर जादू-टोना कराकर मतांतरण कराने की दिशा में काम कर रही थीं। मेरी बहन को गोमांस खिलाने का प्रयास किया गया। मुस्लिम सहेली का कहना था कि तरी-तरी खा लो, मजा आ जाएगा।
पीड़ित हिंदू छात्रा के भाई का आरोप है कि मेरी बहन की मुस्लिम सहेलियों ने न सिर्फ पहनावे और सोच में बदलाव का प्रयास किया बल्कि पूरी तरह शाकाहारी बहन को बार-बार मांस खाने के लिए उकसाया था। पीड़िता के भाई का गला बहन की दर्द भरी कहानी बताते भर आता है। आंखों में आंसू हैं, चेहरे पर गुस्सा और डर दोनों है।
बहन की सहेलियां लाती थीं खाना
सामने बैठी उसकी बहन कभी जमीन की ओर देखती है, कभी मां के कंधे से सिर टिका लेती है। पीड़िता के भाई ने बताया कि जब मुस्लिम सहेलियां उसे रेस्टोरेंट ले जाती थी, तो अक्सर खाना वेटर नहीं लाता था, बल्कि वही सहेलियां लेकर आती थीं। मुझे अब पूरा यकीन है कि वो मेरी बहन के खाने में कुछ मिलाती थीं। खाना खाने के बाद वह सामान्य नहीं रहती थी। उनकी हर बात सही लगने लगती थी।
भाई का आरोप है कि मांस खिलाने की यह कोशिश सिर्फ खान-पान नहीं, बल्कि उसकी धार्मिक पहचान तोड़ने की पहली सीढ़ी थी। भ…गवान की कृपा हो गई कि हमें वक्त रहते सब पता चल गया। बीते डेढ़ साल में उसकी बहन को मुस्लिम सहेलियों ने योजनाबद्ध तरीके से लव जिहाद’ की दिशा में ले जाकर मतांतरण कराने की कोशिश कर रहीं थीं।
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छोड़ दिया था पूजा-पाठ
बिलारी क्षेत्र से सामने आए इस मामले ने पूरे इलाके में हलचल है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन छात्रा के घर में यह अभी भी एक गहरे सदमे की तरह मौजूद है। एक तरफ भाई का दर्द और गुस्सा है, दूसरी तरफ पीड़िता, जो अब धीरे-धीरे परिवार को अपने साथ हुए सारे वाकया सुना रही है।
पीड़िता के भाई का कहना है कि उसकी बहन ने जब इंटरमीडिएट में दाखिला लिया और कुछ मुस्लिम छात्राओं से उसकी नजदीकी बढ़ी, तब किसी को शक नहीं हुआ। शुरुआत में लगा कि सहेलियां हैं, साथ पढ़ती हैं। लेकिन कुछ महीनों बाद बहन बदलने लगी। उसकी बहन ने पूजा-पाठ छोड़ दिया, घर में अलग-थलग रहने लगी, जवाब देने लगी। उसने कपड़े बदलने शुरू किए।
त्योहारों में कम हो गई थी दिलचस्पी
हमारे त्योहारों में दिलचस्पी कम हो गई। उस समय हमें लगा कि उम्र का असर है, लेकिन आज समझ आ रहा है कि ये बदलाव सामान्य नहीं थे। भाई का आरोप है कि इसी दौरान उस पर धर्म को लेकर बातें थोपी जाने लगीं। उसे कहा जाता था कि हमारे धर्म में आ जाओ, यहां ज्यादा आजादी है, यहां सुकून है। हमें लगता है कि ये सब एक साजिश का हिस्सा था।
बुर्का, अलगाव और बढ़ता दबाव
पीड़ित छात्रा के भाई का कहना है कि मुस्लिम सहेलियां उसे अपने साथ ज्यादा से ज्यादा रखने लगीं। वो देर तक घर से बाहर रहती थी। कई बार फोन भी नहीं उठाती थी। जब पूछते थे तो कहती थी आप नहीं समझोगे। 20 दिसंबर को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में छात्रा को कथित तौर पर सहेलियों द्वारा बुर्का पहनाया जाता दिखाया गया, जिसके बाद परिवार का शक यकीन में बदला।
उसकी पहचान और संस्कार तोड़ने का तरीका था। पीड़ित कहता है कि उन्हें आशंका है कि यह सब किसी बड़ी योजना का हिस्सा था। आजकल जो खबरें आती हैं, उन्हें देखकर डर लगता है। हमें लगता है कि मेरी बहन को लव जिहाद की दिशा में ले जाया जा रहा था। उसका मतांतरण कराने की कोशिश थी।
बहन का किया जा रहा था ब्रेनवाश
भाई का कहना है कि परिवार को सबसे ज्यादा डर इस बात ने सताया कि उनकी बहन का ब्रेनवाश किया जा रहा था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने बिलारी कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया गया कि मुस्लिम सहेलियों ने नाबालिग हिंदू छात्रा को बहला-फुसलाकर बुर्का पहनाया और मतांतरण की ओर ले जाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है। सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं, सीसीटीवी फुटेज और परिस्थितियों की भी जांच हो रही है।
पीड़िता सुना रही आपबीती
घटना के बाद हिंदू छात्रा अब धीरे-धीरे बोल रही है। मां के पास बैठकर, भाई से बात करते हुए, वह अपने साथ हुई हर बात दोहरा रही है। वह बता रही है कि कैसे धर्म को लेकर बातें होती थीं, कैसे बुर्का पहनाया गया, कैसे अलग-अलग जगह ले जाया गया और कैसे मांस खाने के लिए उकसाया गया। अब वो खुद स्वजन को सब बता रही है। कौन क्या कहता था, कहां ले जाता था, क्या आफर दिया जाता था। पहले वो चुप रहती थी। अब लगता है जैसे उसके अंदर जमा डर बाहर आ रहा है।
ये आरोप मेरी समझ से परे हैं
मुख्य आरोपित बताई जा रही मुस्लिम छात्रा का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वह सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहती है कि सहेली मुझ पर ये आरोप क्यों लगा रही है, ये मेरी समझ से परे है। हमने कभी उसे बुर्का पहनने या मतांतरण के लिए मजबूर नहीं किया। दोस्ती सामान्य थी और पहनावे को लेकर कोई दबाव नहीं था।
हम सब एक ही क्लास में हैं, 11वीं से एक-दूसरे को जानते हैं। उसे बुर्का अच्छा लगता था। उस दिन मैं अपना बुर्का दर्जी के पास दुरुस्त कराने ले जा रही थी। उसने खुद कहा कि एक बार पहनकर देखूंगी बल्कि नकाब तो वो खुद खरीदकर लाई थी। खाने में कुछ मिलाने और तंत्र-मंत्र जैसे आरोपों को उसने सिरे से खारिज किया।