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मुरादाबाद में मिसाल: बुर्का छोड़ अपनाया हिंदू धर्म, अब 15 मुस्लिम युवतियां रख रही हैं नवरात्रि का व्रत

Published: Sat, 17 Oct 2026 03:00 AM (IST)

बीते 19 महीनों में मुरादाबाद में 15 मुस्लिम युवतियों ने हिंदू युवकों से शादी कर हिंदू धर्म अपनाया है। अब ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हिंदू युवकों से शादी कर अपनाया हिंदू, बदल लिया नाम बोली बुर्का पहनने से मिला छुटकारा

सचिन चौधरी, मुरादाबाद। कुछ प्रेमी जोड़ों ने दिखाया है कि प्यार, समझ और सम्मान से किसी भी सामाजिक या धार्मिक अंतर को पार किया जा सकता है। पिछले 19 महीनों में शहर में 15 युवतियों ने धर्म परिवर्तन कर हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। अब वह देवी में आस्था दिखा रही है। इनमें अधिकांश युवतियां नवरात्र का उपवास रख रही है।

उनका कहना है कि देवी मां की उपासना करके मन को संतुष्टि हो रही है। इतना ही नहीं यह सभी दंपतियों ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत बिना किसी विवाद या सामाजिक झंझट के की। सभी महिलाएं बेहतर ढंग से अपने कर्तव्य भी निभा रहीं हैं।

समाज में प्रेम का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इस चलन में तमाम युवा अपने स्वजन से बगावत करके एक दूजे के हो रहे हैं। प्यार के लिए युवा धर्म, जाति के बंधन को तोड़कर शादी कर रहे हैं।

अब कुछ दिनों में दूसरे धर्म में शादियों का चलन तेजी से बढ़ा है। बीते 19 माह में 17 युवतियों ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाते हुए युवकों से शादी कर ली। यह सभी शादी के बाद से खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही है।

17 दंपती के बीच शादी के बाद से एक बार भी विवाद नहीं हुआ है। बल्कि युवकों के परिवार के लोगों ने भी धर्म परिवर्तन करकेे उनकी बहु बनी इन युवतियाें को अपना लिया है। अब इनका वैवाहिक जीवन खुशी-खुशी चल रहा है।

शुरुआती कुछ माह कुछ युवतियों के परेशानी के बीच गुजरे क्योंकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, लेकिन कुछ माह बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया से भी छुटकारा मिल गया।

वहीं मुरादाबाद शहर की तीन युवतियाें ने हिंदू युवकों से शादी की है। उनकी शादी के बाद यह पहला नवरात्र है। ऐसे में वह नवरात्र का उपवास कर रही है।

धर्म बदलकर शादी करने वाले प्रेमी युगल

केस:1 -: छजलैट क्षेत्र के एक गांव निवासी सहरीन खातून अंसारी की पांच साल पहले अकबरपुर सिहाली निवासी गौरव से मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई तो मिलना जुलना शुरू हो गया था।

दोनों के अलग-अलग धर्म होने के चलते दोनों की शादी नहीं हो पा रही थी। ऐसे में बीते साल अक्टूबर माह में दोनों घर से फरार हो गए और दोनों ने मंदिर में जाकर शादी कर ली।

तभी से दोनों का वैवाहिक जीवन खुशहाल तरीके से चल रहा है। सहरीन से सलोनी बनी अब नवरात्र के व्रत रख रही है। उनका कहना है कि मुस्लिम युवतियां बिना बुर्के के बाहर नहीं निकल सकती, लेकिन हिंदू धर्म में युवतियों और महिलाओं को पूरा सम्मान दिया जाता है।

केस:2 -: भोजपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी गौरव की मुलाकात ठाकुरद्वारा क्षेत्र के एक गांव निवासी नूर फातिमा से हुई। दोनों के बीच बातचीत कुछ ही दिनों में प्रेम बदल गई।

इस बीच बीते साल जलाई माह में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। धर्म अलग-अलग होने के बाद भी दोनों अपना वैवाहिक जीवन खुशहाल तरीके से व्यतीत कर रहे हैं।

नूर से नेहा बनी नवरात्र के पूरे व्रत रख रही है। सुबह शाम पूजा करना और पूरे दिन भक्ति में लीन है। परिवार कहता है कि कुछ दिनों ही पूरा परिवर्तन हो गया।

 

कुछ मामले सामने आए है जिसमें युवक-युवतियों ने दूसरे धर्म में शादी की है। पुलिस ने सभी मामलों में कोर्ट के आदेशानुसार काम किया है। बालिग होने के चलते उन्होंने कोर्ट में शादी की है।

- कुमार रणविजय सिंह, एसपी सिटी


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