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यूपी में तेंदुओं का खौफ: कहीं घोड़ी पर झपट्टा तो कहीं मंदिर की छत से छलांग, 9 पकड़े गए पर दहशत बरकरार

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:05 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में तेंदुओं का आतंक जारी है, जहां अमरोहा के सैरकपुर में एक घोड़ी पर हमला हुआ और मुरादाबाद ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, मंडी धनौरा (अमरोहा)। गांव सैरकपुर में रविवार शाम गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने आम के बाग में बंधी घोड़ी पर हमला कर दिया। हिनहिनाने की आवास सुनकर ग्रामीण लाठी लेकर दौड़े तो तेंदुआ गन्ने के खेत में भाग निकला।

घोड़ी के स्वामी शीशपाल यादव व ग्रामीणों ने बताया कि घोड़ी को रस्सी से बांधकर चराया जा रहा था। इसी दौरान तेंदुए ने हमला कर दिया। शीशपाल यादव कुछ दूरी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने घोड़ी पर झपट्टा मार दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुआ की मौजूदगी लंबे समय से बनी हुई है। कुछ दिन पहले तेंदुए ने बकरी को अपना निवाला बना लिया था। जबकि मुकेश के कुत्ते को भी उठाकर ले गया था। आए दिन तेंदुए दिखने देने से ग्रामीणों में भय का माहौल है।

मुरादाबाद में तेंदुओं की धरपकड़ जारी, सलेमपुर में एक और कैद, अब तक नौ पकड़े

तेंदुआ प्रभावित कांठ क्षेत्र में सोमवार को सलेमपुर गांव में लगाए गए ट्रैप केज (पिंजरे) में एक और तेंदुआ कैद हो गया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा इंतजामों के बीच उसे कब्जे में ले लिया। तेंदुए के पकड़े जाने से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।

डीएफओ डाॅ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि सलेमपुर और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रैप केज लगाया गया था। सोमवार को तेंदुआ उसमें कैद हो गया।

तेंदुए की मौजूदगी से सलेमपुर और आसपास के गांवों में लंबे समय से दहशत का माहौल था। ग्रामीण खेतों की ओर जाने से पहले आसपास का जायजा ले रहे थे। तीन अगस्त से अब तक मुरादाबाद रेंज में नौ तेंदुओं को रेस्क्यू किया जा चुका है।

मुरादाबाद वन क्षेत्र के रेंजर राजेश शर्मा ने बताया कि पकड़े गए तीन तेंदुओं को डियर पार्क में रखा गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक के आदेश के बाद ही इन्हें चिड़ियाघरों में भेजा जाएगा।

बैजनाथपुर में रोज दिख रहा तेंदुआ

ठाकुरद्वारा के बैजनाथपुर गांव में तेंदुए लगातार दिखाई देने से किसानों की नींद उड़ गई है। गांव के पास खेड़ा के आसपास तेंदुआ रोज दिखाई देने की बात सामने आ रही है।

गांव निवासी शिवम कुमार ने बताया कि किसान खेतों की ओर जाते हैं तो तेंदुआ अचानक दिखाई दे जाता है। किसान एकजुट होकर शोर मचाते हैं तो तेंदुआ जंगल की ओर भाग जाता है।

किसानों को डर है कि गन्ने और घने खेतों में छिपा तेंदुआ कभी भी हमला कर सकता है। इसके चलते खेती-किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बैजनाथपुर में जल्द पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।

सेंसर भांपेगा तेंदुए की आहट, रोशनी और तेज आवाज से होगा अलर्ट

तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों के बीच वन विभाग अब निगरानी के साथ तकनीक का सहारा भी ले रहा है। तेंदुओं समेत अन्य जंगली जानवरों को खेतों और आबादी की ओर आने से रोकने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाली स्मार्ट इलेक्ट्रानिक प्रणाली (एनाइडर) लगाई गई है।

सेंसर आधारित यह उपकरण जानवर की गतिविधि महसूस होते ही तेज आवाज और चमकती रोशनी के जरिए उसे दूर भगाने का प्रयास करता है। डीएफओ डाॅ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि उपकरण में सेंसर लगा है।

लालापुर पीपलसाना, पाड़ला गांव तेंदुए प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे उपकरण लगाए गए हैं। फिलहाल चार स्थानों पर इनकी मदद से निगरानी और बचाव की कोशिश की जा रही है। थर्मल ड्रोन से भी तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

डीएफओ ने ग्रामीणों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अंधेरे में अकेले खेतों या सुनसान स्थानों की ओर नहीं जाने, रात में घर से बाहर निकलने से बचने और गले में मफलर आदि पहनकर चलने की सलाह दी गई है।

पिंजरा बंद, बकरी का पता नहीं, वन विभाग गायब...तेंदुआ की दहशत

इशमपुर डांडा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुआ लगातार दिखाई देने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव के निकट इशमपुर की मढ़ैया के पास खेत में पिंजरा लगाया है, लेकिन तीन दिन से पिंजरे की निगरानी के लिए कोई वन कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। सोमवार को खेत में जाकर देखा गया तो पिंजरा बंद था और उसमें तेंदुए के लिए बांधा गया बकरी का बच्चा भी नहीं था।

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि तेंदुआ वहां से गुजरता है तो वह पिंजरे में कैसे फंसेगा। खेत स्वामी नवाब सिंह ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी शनिवार शाम को पिंजरा लगाने आए थे। इसके बाद से अभी तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है।

पिछले कई दिनों से ग्रामीणों को गांव और मंदिर के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की बात सामने आई थी। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। इशमपुर डांडा स्थित रघुवर दास बाबा मंदिर के महंत बाबा तिलक दास ने बताया कि देर शाम वह मंदिर में पूजा कर रहे थे।

इसी दौरान अचानक मंदिर परिसर में तेंदुआ दिखाई दिया। उस समय मंदिर पर कई लोग मौजूद थे। ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ मंदिर की दो मंजिला छत से कूदकर भाग गया। तेंदुए के कूदने पर बने निशान आज भी मौके पर मौजूद हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरे की नियमित निगरानी कराने की मांग की है। वन दारोगा अमित चौहान व रेंजर ब्रजमोहन सिंह को कई बार काल की गई लेकिन, उन्होंने रिसीव नहीं की।

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