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मुरादाबाद में 5.43 लाख sqm नजूल भूमि पर बड़ा एक्शन: नए सर्वे के बाद खाली होंगी बेशकीमती जमीनें

Published: Thu, 03 Sep 2026 10:51 PM (IST)

मुरादाबाद में 5.43 लाख वर्गमीटर नजूल भूमि के नए सिरे से सर्वे का आदेश हुआ है, जिससे अवैध कब्जों और ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक इमेज है।

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HighLights

  1. शासन स्तर से निर्देश के बाद नए सिरे से नजूल संपत्तियों के सर्वे का शुरू होगा काम

  2. पूर्व में हुए सर्वे में सामने आए थे अवैध कब्जे, कोर्ट की शरण में पहुंच गए कब्जाधारक

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शासन स्तर से नजूल संपत्तियों (भूमि-भवन आदि) का नए सिरे से सर्वे के आदेश के बाद जिले में भी तैयारियां शुरू हो गईं हैं। बीते दिनों हुए सर्वे में जिले में कुल 5 लाख 43 हजार वर्गमीटर नजूल की भूमि होने की बात सामने आई थी जिसमें पता चला कि 1 लाख 36 हजार वर्गमीटर भूमि फ्री-होल्ड है। करीब 3 लाख 98 हजार वर्गमीटर भूमि पर पट्टे हैं।

पट्टों के बीच ही अवैध कब्जे हैं जिसमें तय समय बाद भी कब्जाधारकों ने कब्जा नहीं छोड़ा। अवैध कब्जे की दशा में प्रशासन की ओर से नोटिस एवं पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई तो कब्जाधारक कोर्ट की शरण में पहुंच गए।

कई मामलों में कब्जाधारकों को स्टे मिल गया जिसके बाद से कार्रवाई आगे ही नहीं बढ़ी। ऐसे में नए सिरे से सर्वे और पूरी रिपोर्ट शासन स्तर तक पहुंचने के बाद नजूल भूमि के कब्जामुक्त होने की उम्मीदें बढ़ गईं हैं।

शासन स्तर से जारी आदेश अनुसार, नजूल संपत्तियों (भूमि-भवन आदि) का नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में देखा जाएगा कि कितनी नजूल संपत्तियां अवैध कब्जे में हैं? कितनी फ्री होल्ड है?

नजूल संपत्तियों के कोर्ट में लंबित मामलों का भी ब्योरा जुटाया जाएगा। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अधिकारियों को एक माह में सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये गए हैं।

यह होती है नजूल भूमि

नजूल संपत्ति वह जमीन या संपत्ति होती है जिस पर सरकार का मालिकाना हक होता है, लेकिन उसे सीधे तौर पर सरकारी काम में नहीं लाया जाता, बल्कि एक निश्चित समय के लिए पट्टे (लीज) पर दिया जाता है।

तत्कालीन डीएम ने नजूल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगाई थी रोक

नजूल संपत्तियों के अंतिम बार हुए सर्वे रिपोर्ट के बाद सामने आया था कि कई पट्टाधारकों ने फर्जी तरीके से भूमि डीड कर दी। उसके बाद भूमि की खरीद-फरोख्त की गई। करोड़ों की बेशकीमती भूमि बेच भी दी गई। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन डीएम अनुज सिंह ने नजूल संपत्ति की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। बता दें कि नजूल संपत्ति पर जिलाधिकारी की अनुमति के बिना कुछ भी नहीं किया जा सकता।

संपत्तियों के सत्यापन के लिए निगम को लिखा गया पत्र

जिले में छह गांवों छावनी, कस्बा मुरादाबाद, चक सिरीकुई, मानपुर नारायनपुर, दौलतबाग व देहरी गांव में नजूल की संपत्तियां हैं। इसमें सबसे ज्यादा संपत्ति छावनी व कस्बा मुरादाबाद में हैं। सभी छह गांव नगर निगम क्षेत्र में आते हैं।

लिहाजा, संपत्तियों के सत्यापन की जिम्मेदारी निगम की है। प्रशासन की ओर से इसको लेकर निगम को समय-समय पर पत्राचार भी किया जाता है। एक बार फिर से नजूल संपत्तियों के सत्यापन के लिए निगम को पत्र लिखा गया है।

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