नीदरलैंड से खुलेगा एक्सपोर्ट का नया रास्ता, वेयरहाउस से चमकेगी मुरादाबाद के पीतल की चमक
नीदरलैंड में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के लिए एक बड़ा वेयरहाउस स्थापित किया जा रहा है, जिससे मुरादाबाद के पीतल निर्यात को यूरोप में नई पहचान मिलेगी।

नीदरलैंड में बनेगा 5 हजार वर्ग फीट का वेयरहाउस।
HighLights
नीदरलैंड में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के लिए वेयरहाउस स्थापित होगा।
मुरादाबाद के पीतल निर्यात को यूरोप में मिलेगी नई पहचान और गति।
छोटे निर्यातकों को बाजार पहुंच, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। भारत पर सौ प्रतिशत टैरिफ वाले प्रस्ताव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर के बाद निर्यातकों में हलचल मची है। हालांकि अभी विदेश मंत्री की अमेरिका से वार्ता किये जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि कितना टैरिफ भारत पर लग सकेगा। 18 अक्टूबर के बाद ही स्थिति साफ होगी।
हस्तशिल्प निर्यात को नए बाजारों का सहारा देने की ईपीसीएच की तैयारी है। मुरादाबाद से करीब 12 हजार कराेड़ रुपये का वार्षिक कारोबार होता है। पीतल उद्योग को यूरोप का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) नीदरलैंड में करीब पांच हजार वर्ग फीट का वेयरहाउस स्थापित करने की तैयारी में है।
जून 2026 में ईपीसीएच की टीम ने नीदरलैंड में स्थान चयन और स्थानीय व्यवस्था को लेकर दौरा भी किया था। केंद्र सरकार की सहायता से प्रस्तावित इस परियोजना में लगभग छह करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी ईपीसीएच ने दी थी।
जिले के निर्यातकों को मिलेगा लाभ
नीदरलैंड में बने केंद्र में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को भंडारण के साथ प्रदर्शन की सुविधा भी देने की योजना है। जिसका लाभ मुरादाबाद समेत अन्य जगहों के निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है।
अभी भारत से यूरोप तक माल पहुंचने और सीमा शुल्क की प्रक्रिया में सात से आठ सप्ताह लगते हैं। वेयरहाउस में पहले से माल उपलब्ध होने पर आर्डर मिलने के बाद यूरोप के खरीदारों को तेजी से आपूर्ति हो सकेगी।
ईपीसीएच के अनुसार, नीदरलैंड से जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, स्पेन और इटली जैसे देशों तक सड़क, रेल और जलमार्ग से माल भेजने की सुविधा है। ईपीसीएच पहले ही मुरादाबाद में कैश एंड कैरी सेंटर और थ्री-डी डिजाइन स्टूडियो जैसी सुविधाएं शुरू कर चुकी है।
छोटे निर्यातकों को भी मिलेगा बाजार
यंग एंटरप्रिंयोर सोसायटी के चेयरमैन जेपी सिंह के अनुसार, मुरादाबाद को अब केवल पुराने बाजारों पर निर्भर रहने के बजाय नए देशों में अपनी पहुंच बढ़ानी होगी। नीदरलैंड में वेयरहाउस और डिस्पले सेंटर बनने से खरीदारों को उत्पाद देखने के साथ छोटे आर्डर भी लेने में सुविधा होगी।
निर्यातक गगन दुग्गल का कहना है कि विदेशी खरीदार के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज समय पर आपूर्ति और उत्पाद की उपलब्धता है। यूरोप में स्थानीय स्तर पर स्टाक रहने से आर्डर पूरा करने का समय घटेगा। इससे मुरादाबाद के उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ सकती है और नए खरीदार जोड़ने में मदद मिलेगी।
बाजार बढ़े तो उत्पादन से रोजगार तक असर
नए खरीदार मिलने पर पीतल, एल्युमिनियम, लोहा, लकड़ी और मिश्रित धातु के उत्पादों की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने का असर सीधे मुरादाबाद के कारखानों तक पहुंचेगा। अधिक आर्डर मिलने पर उत्पादन बढ़ेगा, कारीगरों को काम मिलेगा और पैकिंग, परिवहन, डिजाइन तथा अन्य सहायक कारोबार में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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