Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    डीएम और एमएलए से बहस करने वाले अफसर का तबादला, 24 घंटे के अंदर हुई कार्रवाई

    Updated: Tue, 08 Oct 2024 11:04 PM (IST)

    मुरादाबाद में आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता नीरज राजपूत को जनप्रतिनिधियों से बहस करने के कारण 24 घंटे के भीतर हटा दिया गया। प्रभारी मंत्री की अध ...और पढ़ें

    आवास विकास परिषद के अधिकारियों के मनमाने रवैये की शिकायत भी की गई।
    आवास विकास परिषद के अधिकारियों के मनमाने रवैये की शिकायत भी की गई।

    HighLights

    1. समीक्षा बैठक के दौरान शिकायत करने पर जनप्रतिनिधियों से उलझे थे एक्सईएन
    2. शासन में शिकायत करने पर 24 घंटे के अंदर हुई कार्रवाई, होगी विभागीय जांच

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों से बहस करने वाले आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता 24 घंटे के भीतर हटा दिए गए। मुरादाबाद से हटाकर उन्हें कानपुर भेजा गया है। विभागीय जांच की भी तैयारी है।

    सर्किट हाउस सभागार में सोमवार को जनपद के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार विकास कार्यों की समीक्षा रहे थे। इस दौरान नगर विधायक रितेश गुप्ता ने कई मुद्दे उठाए। इसमें आवास विकास परिषद के अधिकारियों के मनमाने रवैये की शिकायत भी की गई। 

    पक्ष रखने के बजाय दिया जवाब

    नक्शा पास कराने में लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया तो आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता नीरज राजपूत अपना पक्ष रखने के बजाय जवाब देने लगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर ही आरोप लगा दिए। 

    भरी बैठक में जनप्रतिनिधियों से कहने लगे कि गलत बात बर्दाश्त नहीं होगी। जब अधिशासी अभियंता बहस करने लगे तो एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, गोपाल अंजान और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह ने भी विभाग में चल रहे मनमाने रवैये को लेकर शिकायत रखी। इस बात को लेकर दोनों ओर से गहमागहमी हो गई। बैठक में हंगामा होने लगा। 

    खबरें और भी

    जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप कर अधिशासी अभियंता को शांत कराने का प्रयास किया, तो उनकी बात काे भी काट दिया। तब जिलाधिकारी ने सभी फाइल लेकर उन्हें मंगलवार को अपने कार्यालय में तलब किया। 

    इस बीच प्रभारी मंत्री ने भी एक्सईएन को व्यवहार सुधारने की चेतावनी दी। मंगलवार को जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिलाधिकारी ने भी शासन से शिकायत की। देर शाम एक्सईएन के स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया गया। उन्हें तत्काल प्रभाव से कानपुर ज्वाइन करने का आदेश दिया गया है।

    समीक्षा बैठक में एक्सईएन का व्यवहार बेहद निम्न स्तर का था। पहले तो विभाग में लोगों को परेशान किया जा रहा है, अगर शिकायत की जाए तो अभद्र व्यवहार पर उतर आए। बैठक में उपस्थित किसी भी जनप्रतिनिधि की बात का सम्मान नहीं किया। इसकी शिकायत शासन में की थी। शाम तक उनका स्थानांतरण हो गया।

    -रितेश गुप्ता, नगर विधायक

    अधिशासी अभियंता का व्यवहार बैठक के दौरान अच्छा नहीं रहा। सभी ने इसकी शिकायत की थी। मंगलवार सुबह शासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई। एक्सईएन के स्थानांतरण का आदेश मिल गया है।

    -अनुज सिंह, डीएम

    यह भी पढ़ें: प्रभारी मंत्री के सामने विधायक से उलझे एक्सईएन, जिलाधिकारी के कहने पर भी नहीं हुए शांत

    यह भी पढ़ें: घर-दुकानों में छिपाकर रखा था मौत का सामान, छापेमारी में पकड़ा बारूद और सुतली गोला