Rain Alert: मुरादाबाद में 66.64 मिमी बारिश, आज भारी बरसात का यलो अलर्ट जारी
मुरादाबाद में 66.64 मिमी बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो गई। मौसम विभाग ने पश्चिमी य ...और पढ़ें
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मुरादाबाद में बारिश के बाद जलभराव।
HighLights
मुरादाबाद में 66.64 मिमी बारिश से मिली गर्मी से राहत।
शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ की समस्या।
पश्चिमी यूपी में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। गुरुवार और शुक्रवार की रात हुई 66.64 मिलीमीटर वर्षा ने एक ओर भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ की समस्या खड़ी कर दी। तेज आंधी और बारिश के कारण रातभर सड़कों पर पानी भरा रहा और इसका असर शुक्रवार को भी दिखाई दिया।
कई कॉलोनियों में गलियां और सड़कें जलमग्न रहीं। बगला गांव जबकि जगह-जगह कीचड़ पसरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
रामगंगा विहार स्थित केसरी कुंज का भारी लोहे का प्रवेश द्वार भी तेज हवा से गिरा और बारिश के दौरान टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि यह हादसा रात में हुआ, अन्यथा दिन में लोगों के आवागमन के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था।
शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ की समस्या रही
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को भी कहीं-कहीं वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। साथ ही कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने और चौथे दिन फिर वर्षा की संभावना जताई गई है।
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रामगंगा विहार स्थित केसरी कुंज का भारी लोहे का प्रवेश द्वार तेज हवा से गिरा
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दो दिन पहले यह 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास था। इस तरह तापमान में करीब 11 डिग्री सेल्सियस की गिरावट से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। दिन में धूप निकलने और हवा चलने के बावजूद मौसम सुहावना बना रहा।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून को मुरादाबाद पहुंचने में अभी लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। तब तक बीच-बीच में वर्षा और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
कॉलोनियों में भरा पानी, निगम को चलाने पड़े पंप
बारिश के बाद रामगंगा विहार, राजकीय पॉलीटेक्निक और गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का अस्थायी कार्यालय परिसर, आशियाना, बुद्धि विहार, दीनदयाल नगर, अवंतिका कालोनी, काशीराम नगर, सूर्य नगर, हनुमान नगर, विकास नगर, राम तलैया, जयंतीपुर, मियां कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, दौलत बाग और भोलानाथ कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कटघर के कमला नगर और लाजपत नगर में भी सड़कों और गलियों में पानी जमा रहा।
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रामगंगा विहार रंगोली ऑफिसर्स कॉलोनी में जलभराव की शिकायत पर नगर निगम की टीम को मौके पर पहुंचकर पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। वहीं बगला गांव में भी लोगों ने रात में घरों में घुसे पानी को मोटर और पाइप के सहारे बाहर निकाला।
आंधी-पानी से आंशिक नुकसान भी दर्ज
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 24 घंटे की रिपोर्ट के अनुसार जिले में जनहानि, पशुहानि और फसल क्षति की कोई सूचना नहीं मिली। हालांकि दो स्थानों पर आंशिक नुकसान दर्ज किया गया है। बिलारी क्षेत्र में सखावत के मकान को आंशिक क्षति पहुंची, जबकि कांठ क्षेत्र में शरीफ की पशुशाला को नुकसान हुआ। इसके अलावा कहीं से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
किसानों के लिए राहत की बारिश, धान की तैयारी को मिलेगा लाभ
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षा खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। जिले में धान की बुवाई का समय शुरू होने वाला है और खेतों की जुताई के बाद मिली यह नमी बुवाई के लिए अनुकूल मानी जा रही है। फिलहाल खेतों में किसी प्रकार की फसल क्षति की सूचना नहीं है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार नमी और तेज हवा के कारण आम की तैयार फसल को कुछ नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद कृषि क्षेत्र के लिए यह वर्षा कुल मिलाकर फायदेमंद मानी जा रही है।