शक्ति चक्र में शामिल हुआ मुरादाबाद का श्री काली मंदिर, धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
मुरादाबाद का श्री काली मंदिर अब 'शक्ति चक्र' पर्यटन परिपथ का हिस्सा बन गया है। इससे मंदिर को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और बुनियादी सुविधाओं के साथ धार्मि ...और पढ़ें
HighLights
श्री काली मंदिर 'शक्ति चक्र' पर्यटन परिपथ का हिस्सा बना।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, सुविधाओं का विस्तार।
जूना अखाड़ा और पर्यटन विभाग से विकास हेतु धन।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के कई जिलों के प्रमुख देवी मंदिरों को जोड़कर विकसित किए जा रहे 'शक्ति चक्र' पर्यटन परिपथ में जोड़ा जा रहा है। जिसमें मुरादाबाद के लालबाग स्थित सिद्धपीठ श्री काली माता मंदिर, लालबाग को भी शामिल किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से शहर के इस प्राचीन और आस्था के केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन विभाग पहले चरण में मंदिर और उसके आसपास बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छता व्यवस्था, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और पर्यटक सूचना केंद्र विकसित किए जाएंगे। इससे यहां आने वाले भक्तों और पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
हालांकि, करीब छह महीने पहले पर्यटन विभाग से श्रीकाली मंदिर के विकास को एक करोड़ रुपये मिल चुके हैं। जिसमें दो कमरे, शौचालय, टीन शेड का काम पूरा हो चुका है। अन्य कार्य भी इस मद में कराए जाने हैं। जिसे मंदिर के महंत इसी योजना के तहत मानकर चल रहे हैं।
आगे इस योजना के तहत मंदिर का विकास होने की संभावना है। श्री काली मंदिर के महंत हितेश्वर गिरि महाराज पर्यटन विभाग की ओर से छह महीने पूर्व मिली एक करोड़ रुपये की वह पुष्टि कर रहे हैं।
मंदिर का विकास के विकास कार्य होने के साथ-साथ दूसरे चरण में श्री काली मंदिर को प्रदेश के अन्य प्रमुख देवी स्थलों के साथ 'शक्ति चक्र' के रूप में व्यापक प्रचार-प्रसार से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल प्लेटफार्म, पर्यटन मेले और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक इसकी पहचान पहुंचाई जाएगी। इससे मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
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प्रदेश के 31 जिलों के चुनिंदा देवी मंदिरों को इस विशेष परिपथ में शामिल किया गया है। मुरादाबाद का लालबाग स्थित श्री काली मंदिर इस सूची में प्रमुख स्थान रखता है। धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से यह चयन शहर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे मुरादाबाद धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।
शक्ति चक्र योजना में श्री काली मंदिर को शामिल करने का निर्णय योगी सरकार का स्वागत योग्य है। मंदिरों का इससे विकास होगा तो श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी और मंदिर का प्रचार प्रसार भी बढ़ेगा। पर्यटन विभाग की ओर से करीब छह महीने पूर्व एक करोड़ रुपये श्री काली मंदिर के विकास को मिले थे। उसमें कमरे, शौचालय आदि का काम पूर्ण होने को है। अब शक्ति चक्र योजना इससे अलग है तो विकास कार्य और होंगे। पार्किंग, पेयजल व स्वच्छता व्यवस्था में और सुधार होगा। प्रदेश सरकार से मंदिर के निकट रामगंगा किनारे बांध बनवाने का प्रयास करेंगे।
-कंचन गिरि, सचिव,, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा
जूना अखाड़ा ने भी एक करोड़ रुपये दिए
पिछले महीने नौ अप्रैल को श्री काली मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी मंदिर में सज्जन गिरी और रामगिरी को महंत पद से हटाया गया था और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा ने दूसरे महंत गद्दी पर बैठाए थे। तभी मंदिर के विकास को एक करोड़ रुपये जूना अखाड़ा की ओर से देने की घोषणा की गई थी।
अब तक 50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसमें अब तक 30 लाख रुपये दस साल का बिजली का बकाया बिल जमा किया और करीब तीन लाख रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं जब तक 40 कैमरे लग चुके हैं।
तीन वाटर कूलर, तीन आरओ मशीन, पानी की व्यवस्था के अलावा तीनों मंदिरों में श्री काली, सिद्ध पीठ नौ देवी और श्री रामगंगा मंदिर के कर्मचारियों का वेतन भी तीन-तीन हजार रुपये बढ़ाकर देना शुरू हो गया है। इसमें पहले जितना जिसका वेतन था, उसमें तीन-तीन हजार रुपये बढ़ाए गए हैं।