यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Moradabad News: मंदिर में प्रवेश से रोकी गईं वाल्मीकि महिलाएं तो गांव में कर दिया एलान... दौड़ी-दौड़ी पहुंची पुलिस
Moradabad News मुरादाबाद में वाल्मीकि समाज की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोके जाने पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। महिलाओं ने मंदिर के लाउडस्पीकर ...और पढ़ें

HighLights
- मंदिर में रोके जाने की जानकारी पर पुलिस के हाथ-पांव फूले
- ईष्ट देव की पूजा के लिए गए वाल्मीकि समाज के लोगों को मंदिर में प्रवेश पर रोक दिया
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। हर खुशी के मौके पर ईष्ट देव की पूजा होती है। लोग दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते हैं। इसमें दूल्हा के साथ पूरा कुनबा शामिल होता है। सोमवार को ईष्ट देव की पूजा के लिए गए वाल्मीकि समाज के लोगों को मंदिर में प्रवेश पर रोक दिया। इसको लेकर सैनी समाज का वाल्मीकि समाज ने विरोध जता दिया।
महिलाओं ने मंदिर के लाउडस्पीकर से ही एलान कर दिया कि समाज के लोगों को पूजा करने नहीं दी जा रही है। जिससे गांव में तनाव फैल गया। वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप था कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग दूसरे समाज के लोगों ने किया है। मारपीट भी की गई है। दूसरे पक्ष ने शराब पीकर मंदिर में घुसने का आरोप लगाया।
आरोप है कि सैनी बिरादरी के लोगों ने उनका विरोध किया। इस पर वाल्मीकि महिलाओं ने जबरन मंदिर के लाउडस्पीकर से ही एलान कर दिया कि समाज के लोगों को पूजा करने नहीं दी जा रही है। इससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जातिसूचक शब्दों का किया प्रयोग
वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप था कि उनके साथ जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। मारपीट भी की गई है। वहीं, सैनी समाज के लोगों ने शराब पीकर मंदिर में घुसने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया।
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सांकेतिक तस्वीर।
कुछ ग्रामीणाें की साजिश बताया
अखिल भारतीय महर्षि वाल्मीकि साधू अखाड़ा परिषद की महामंडलेश्वर साध्वी गीता प्रधान ने कुछ ग्रामीणों की साजिश बताया है। कुंदरकी के गांव सौंदा में विशाल वाल्मीकि की शादी हुई थी। सोमवार को परिवार की महिलाएं शिव मंदिर में देव दर्शन के लिए ढोल नगाड़े बजाते हुए पहुंचीं। आरोप है कि सैनी समाज के लोगों ने उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया। इससे विवाद की स्थिति बन गई। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। वाल्मीकि महिलाओं ने मंदिर से एलान कर दिया। इससे गांव के वाल्मीकि समाज के अन्य लोग भी आ गए।
पुलिस ने पहुंचकर शांति किए लोग
सीओ राजेश कुमार फोर्स के साथ गांव में पहुंच गए। पुलिस ने विवाद कर रहे दोनों पक्ष को समझाकर शांत कराया। इसके बाद वाल्मीकि समाज के लोगों ने मंदिर में पूजा की। सीओ ने बताया कि गलतफहमी की वजह से विवाद हो गया था। दोनों पक्ष के बीच आपसी बातचीत से विवाद सुलझ गया है। गांव में तनाव नहीं है।