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प्लास्टिक कचरे से यूपी में पंचायतों ने की लाखों की कमाई, रामपुर जिला टॉप पर; दूसरे नंबर पर रहा गाजियाबाद

Published: Sun, 07 Jun 2026 08:31 PM (IST)

उत्तर प्रदेश की पंचायतों ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 42.78 लाख रुपये की आय अर्जित की है।

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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। खाली पड़ी पानी की बोतलें, दूध के पैकेट, पॉलीथिन और अन्य प्लास्टिक कचरा केवल पर्यावरण के लिए चुनौती नहीं रह गया, प्रदेश में यह पंचायतों के लिए कमाई का नया जरिया बन रहा है। पंचायती राज विभाग को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 42.78 लाख रुपये की आय हुई। इसमें 4.61 लाख रुपये कमाई के साथ रामपुर प्रदेश में अव्वल रहा।

गाजियाबाद ने 3.25 लाख रुपये और बरेली ने 3.13 लाख रुपये की आय के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। 20 मई 2026 को जारी पंचायती राज विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में संचालित 120 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से यह आय प्राप्त हुई है।

टॉप-10 जिलों में क्रमश: मथुरा 1.70 लाख, श्रावस्ती 1.56 लाख, हरदोई 1.25 लाख, बदायूं 1.24 लाख, बुलंदशहर 1.15 लाख, लखीमपुर खीरी 98 हजार और वाराणसी 88 हजार भी हैं। यहां पंचायत स्तर पर प्लास्टिक संग्रहण, छंटाई और रि-साइकिलिंग की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर हैं।

दूसरी ओर कई जिले इस अभियान में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। गोंडा 28 हजार, भदोही 31 हजार, गोरखपुर 33 हजार नीचे से तीन स्थानों पर हैं। वर्तमान में प्रदेश में 302 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित है। इनमें 120 इकाइयां बन चुकी हैं, जबकि 129 निर्माणाधीन हैं।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में 53 नई इकाइयां बनाने का लक्ष्य रखा गया है। 310 विकास खंडों को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमएमयू) और 509 विकास खंडों को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) से जोड़ा गया है। गांवों में घर-घर से कूड़ा संग्रहित कर प्लास्टिक अपशिष्ट अलग कर प्रबंधन इकाइयों तक पहुंचाया जाता है। इन्हें रि-साइकिलिंग करने वाली कंपनी को बेचा जाता है।

इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ कमाई भी होती है। कंपनियां इनसे ईंट, सीमेंट की बोरी आदि बनाती हैं। पंचायती राज विभाग के उप निदेशक अभय कुमार यादव ने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए मुरादाबाद के तीन प्लांट बन चुके हैं। जल्द मशीनें लगाई जाएंगी, जिसके बाद यहां भी प्लास्टिक अपशिष्ट अलग किया जा सकेगा।

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