₹30 लाख से ज्यादा की ठगी करने वाले गैंग से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन गेमिंग की लत ने बना दिया साइबर ठग
मुजफ्फरनगर में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक युवक को साइबर ठगी के दलदल में धकेल दिया। नागपुर से मिली शिकायत के बाद पुलिस ने विजय कुमार नामक आरोपी को गिरफ् ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सहयोगी, जागरण मुजफ्फरनगर। ऑनलाइन गेमिंग की लत किस तरह आम युवक को संगठित साइबर अपराध की दुनिया में धकेल देती है, इसकी बानगी जनपद में सामने आई है। नागपुर से शिकायत होने के बाद थाना साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।
आरोपित ने गेम के चक्कर में अपनी जमीन बेच दी थी। कर्ज में डूबने के बाद उसने अपराध का रास्ता चुन लिया। आरोपित से दो मोबाइल फोन बरामद हुए।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल प्रतिबिम्ब पर मुजफ्फरनगर से जुड़े फर्जी कॉल व साइबर धोखाधड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। नागपुर से मिली शिकायत की जांच करने पर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर व बैंक खाते जनपद में संचालित पाए गए। तकनीकी विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच के बाद रविवार को विजय कुमार पुत्र सतेंद्र सिंह निवासी ग्राम सावटू थाना भौराकलां को उसके गांव के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपित ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग में लिप्त था, जिसमें उसे लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ। नुकसान की भरपाई के लिए उसे अपनी दो बीघा जमीन तक बेचनी पड़ी। वैध तरीके से जमीन वापस खरीदने का कोई रास्ता न मिलने पर उसने साइबर अपराधियों से संपर्क कर अवैध कमाई का रास्ता अपनाया।
उसने बताया कि ऑनलाइन लुटेरों से उसकी बात टेलीग्राम के माध्यम से हुई। उन्होंने विजय से साइबर ठगी के रुपये आने के लिए खाते उपलब्ध कराने की बात कही। विजय लालच में आकर ऑनलाइन लुटेरों से जुड़ गया और अपने माता व भाई के साथ जान पहचान वालों के खाते उपलब्ध कराए।
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एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि शुरुआत में विजय ने साइबर ठगी के लिए अपने मोबाइल नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल किया, लेकिन विभिन्न राज्यों से शिकायतें होने पर उसके खाते फ्रीज हो गए। इसके बाद उसने अपने भाई और माता के नाम पर खुले बैंक खातों व मोबाइल नंबरों का उपयोग कर टेलीग्राम के माध्यम से फर्जी काल और यूपीआई फ्रॉड शुरू कर दिया। आरोपित ने कई बैंकों में खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम मंगवाई।
बड़ी मात्रा में दर्ज हैं शिकायतें
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपित विजय के दो मोबाइल नंबरों पर दो शिकायतें, जबकि उसके खातों पर कुल 15 शिकायतें दर्ज हैं। बरामद मोबाइल से जुड़े ई-मेल व नंबरों पर 41 अन्य शिकायतें भी सामने आई हैं।
बीते दो माह में आरोपित के खातों में लगभग 30 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि कुल धोखाधड़ी की रकम एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। शेष खातों की जांच जारी है। अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी की जा रही है।